पाठ-5 : उससे न कहना (एकांकी)
कक्षा - 8 (Class 8) | आलोक भाग-3 (SCERT Assam)
एकांकी परिचय:
एकांकीकार: श्री कर्तार सिंह दुग्गल
विधा: देशभक्तिपूर्ण एकांकी (नाटक)
प्रमुख पात्र:
  1. लाजवंती (लाजो): 60-65 वर्ष की बुढ़िया माँ, जिसके पति और बड़ा बेटा देश के लिए शहीद हुए।
  2. बलवीर (बल्ली): लाजवंती का छोटा बेटा, देशभक्त नवयुवक।
  3. रुक्मिणी: बलवीर की ताई (पड़ोसिन/रिश्तेदार)।
शब्दार्थ (শব্দাৰ্থ)
शब्दअर्थ (Hindi)অসমীয়া অৰ্থ
चौकारसोई / खाना पकाने का स्थानপাকঘৰ / চৌকা
ढोर-डाँगरगाय-बैल / पालतू पशुগৰু-ম'হ / পোহনীয়া জীৱ-জন্তু
जुल्मअत्याचार / अन्यायঅন্যায় / অত্যাচাৰ
फौजसेना / लश्करসেনাবাহিনী
फिरंगीअंग्रेजইংৰাজ
सूरमावीर / शूरवीर योद्धाবীৰ / মহাভাৰতী যোদ্ধা
बैरीशत्रु / दुश्मनশত্ৰু
रौंदनापैरों से कुचलना / नष्ट करनाভৰিৰে গছকি নষ্ট কৰা
मुखड़ाचेहरा / मुखমুখমণ্ডল
झेलनासहन करना / भुगतनाসহ্য কৰা / কষ্ট ভোগ কৰা
काबूवश / नियंत्रणআয়ত্ত / নিয়ন্ত্ৰণ
पड़ावठहरने का स्थान / छावनीছাউনী / বাহৰ
कमर कसनातैयार होनाকঁকাল টঙালি বন্ধা / সাজু হোৱা
अमानतधरोहर / सौंपी गई वस्तुসোণালী স্মৃতি / জমা ধন বা সম্পদ
चोटगहरा आघात / दुःखমনৰ আঘাত / গভীৰ দুখ
पाठ से (পাঠভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) प्रस्तुत एकांकी में कुल कितने पात्र हैं ? सभी पात्रों के नाम लिखो।
उत्तर: प्रस्तुत एकांकी में कुल तीन (3) पात्र हैं—

  • लाजवंती (माँ)
  • बलवीर (छोटा बेटा)
  • रुक्मिणी (ताई)

(ख) बलवीर और लाजवंती में किस बात पर बहस हो रही थी ?
उत्तर: बलवीर देश की रक्षा के लिए फौज में भर्ती होना चाहता था, जबकि उसकी माँ लाजवंती उसे घर पर रहकर खेती-बाड़ी संभालने और शादी करने के लिए कह रही थी। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हो रही थी।


(ग) लाजवंती बलवीर को फौज में भरती होने से क्यों रोक रही थी ?
उत्तर: लाजवंती के पति पहले ही सेना में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो चुके थे और उसका बड़ा बेटा शम्मी (शमशेर) भी सीमा पर लड़ रहा था। बुढ़ापे में घर पर बलवीर ही उसका एकमात्र सहारा था, इसलिए वह उसे फौज में जाने से रोक रही थी।


(ঘ) बलवीर के पिता की मृत्यु कैसे हुई थी ?
उत्तर: बलवीर के पिता सेना में एक वीर सिपाही थे। वे अंग्रेजों (फिरंगियों) की लड़ाई में सीने पर सात गोलियाँ खाकर देश के लिए शहीद हुए थे।


(ङ) बलवीर किसलिए फौज में भरती होना चाहता था ?
उत्तर: चीनी सेना ने धोखे से भारत की पवित्र सीमा पर आक्रमण कर दिया था। मातृभूमि की आज़ादी की रक्षा करने और अपने शहीद पिता की तरह देश सेवा के लिए बलवीर फौज में भर्ती होना चाहता था।


(च) हिन्दुस्तान पर किसने हमला बोल दिया था ?
उत्तर: हिन्दुस्तान पर चीनियों (चीन देश) ने हमला बोल दिया था।


(ছ) बलवीर को फौज में भरती होने से रोकने के लिए लाजवंती ने क्या सोच रखा था ?
उत्तर: लाजवंती ने बलवीर को फौज में जाने से रोकने के लिए अगले ही महीने उसकी शादी कराने का फैसला सोच रखा था।


(জ) रुक्मिणी ने बलवीर को क्या खबर दी थी ?
उत्तर: रुक्मिणी ने बलवीर को यह अत्यंत दुखद समाचार दिया कि उसका बड़ा भाई शम्मी सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हो गया है।


(ঝ) बलवीर ने रुक्मिणी को बड़े भाई के शहीद हो जाने की बात माँ लाजवंती से कहने से मना क्यों किया था ?
उत्तर: बलवीर जानता था कि उसकी माँ पहले ही पति की शहादत का दुःख झेल चुकी है और अब बड़े बेटे की मृत्यु का गहरा सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाएगी। इसलिए उसने ताई से कहा कि वह माँ से यह बात बिल्कुल न कहे।


(ञ) लाजवंती कुएँ पर पानी भरने जाकर क्या कर आई थी ?
उत्तर: लाजवंती कुएँ पर पानी भरने के बहाने नंबरदार के घर गई और देशरक्षा के लिए अपने छोटे बेटे बलवीर का नाम फौज में लिखवा आई।


(ট) बलवीर ने फौज में भरती होने का इरादा क्यों बदल दिया ?
उत्तर: जब बलवीर को पता चला कि उसका बड़ा भाई शहीद हो गया है, तो उसने सोचा कि अब बूढ़ी माँ का ख्याल रखने वाला कोई नहीं रहेगा। माँ को अकेला बेसहारा न छोड़ने के लिए उसने फौज में जाने का विचार बदल दिया।


(ঠ) लाजवंती को उसके बड़े बेटे के शहीद होने के समाचार कैसे प्राप्त हुए ?
उत्तर: जब लाजवंती पानी भरने जा रही थी, तब रास्ते में ही डाकिया (तारवाला) मिला था, जिसने उसे शम्मी की शहादत का तार (टेलीग्राम) दिया था।

प्रश्न 2. प्रस्तुत एकांकी का शीर्षक 'उससे न कहना' सार्थक है या नहीं ? स्पष्ट करो।
उत्तर: प्रस्तुत एकांकी का शीर्षक 'उससे न कहना' सर्वथा सार्थक और सटीक है।
एकांकी में जब बड़ा बेटा शम्मी शहीद हो जाता है, तो छोटा बेटा बलवीर अपनी ताई से कहता है—"ताई, माँ से न कहना, वह यह चोट नहीं सह सकेगी।" दूसरी ओर, माँ लाजवंती को जब शम्मी की शहादत का तार मिलता है, तो वह भी अपने छोटे बेटे बलवीर के देशप्रेम और मनोबल को बनाए रखने के लिए ताई से कहती है—"बल्ली से न कहना, मेरा बेटा यह चोट नहीं सह सकेगा।" माँ और बेटे दोनों का एक-दूसरे के प्रति अगाध प्रेम और साथ ही देश के प्रति सर्वोच्च बलिदान का भाव ही इस शीर्षक को पूरी तरह सार्थक सिद्ध करता है।
भाषा-अध्ययन (ভাষা আৰু ব্যাকৰণ)
प्रश्न 2. संज्ञा-पदों के वचन बदलकर वाक्य फिर से लिखो:

(क) लड़का चिंता में खोया हुआ था।
वचन बदलकर: लड़के चिंता में खोए हुए थे।


(ख) बच्चे नारे लगाते हैं।
वचन बदलकर: बच्चा नारा लगाता है।


(ग) यह इलाका वीरान पहाड़ियाँ है।
वचन बदलकर: ये इलाके वीरान पहाड़ियाँ हैं।


(ঘ) आज अखबार में एक अजीब खबर छपी है।
वचन बदलकर: आज अखबारों में अजीब खबरें छपी हैं।


(ङ) मेरे देश के बहादुर सिपाही जा रहे हैं।
वचन बदलकर: मेरे देश का बहादुर सिपाही जा रहा है

प्रश्न 4. उचित विभक्ति-चिह्न (का, के, की, को) भरकर वाक्यों को पूरा करो:

(क) घर का काम थोड़ा है।

(ख) मैंने बड़े बेटे को फौज में भेजा।

(ग) हमारे देश की पवित्र धरती बैरी रौंदता चला जा रहा है।

(ঘ) मेरे देश के सूरमा जा रहे हैं।

(ङ) मैंने तुम्हारे लिए सरसों का साग बनाया है।

(च) वह अपने देश के काम आने के लिए जान पर खेल गया।

(छ) इनमें अनेक बहनों के भाई हैं।

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