• मूल नाम: मारिया स्कोलोडोवस्का (बचपन का प्यार भरा नाम: 'मान्या')
• जन्म: 7 नवंबर 1867, वारसा (पोलैंड)
• विशेष उपलब्धि: विश्व की एकमात्र ऐसी महिला वैज्ञानिक जिन्हें दो अलग-अलग विषयों में नोबेल पुरस्कार मिला (1903 में भौतिकी और 1911 में रसायन शास्त्र)।
• प्रमुख खोजें: पोलोनियम, रेडियम और रेडियोधर्मिता का अध्ययन।
• निधन: 4 जुलाई 1934
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| आश्चर्यचकित | अचरज में पड़ा हुआ / विस्मित | আচৰিত / স্তম্ভিত |
| अनगिनत | असंख्य / बहुत सारे | অগণন / অসংখ্য |
| विलक्षण | असाधारण / अनोखा | অসাধাৰণ গুণসম্পন্ন |
| घरेलू | घर का / पारिवारिक | ঘৰুৱা |
| नामुमकिन | असंभव | অসম্ভৱ |
| खनिज | खान से निकाला हुआ पदार्थ | খনিজ পদাৰ্থ |
| उपकरण | साधन / यंत्र / औजार | সঁজুলি / যন্ত্ৰপাতি |
| एनिमिया | खून की कमी की बीमारी | ৰক্তহীনতা ৰোগ |
| बेदाग | निष्कलंक / साफ़-सुथरा | দাগহীন / নিৰ্মল |
| पहलू | पक्ष / दिशा | দিশ / পক্ষ |
| प्रयोगशाला | शोध करने का स्थान (Lab) | পৰীক্ষাগাৰ |
| थकान | श्रांति / थकने का भाव | ভাগৰ / ক্লান্তি |
| जर्जर | जीर्ण / कमजोर | জৰাজীৰ্ণ / দুৰ্বল |
| युगांतरकारी | युग बदलने वाला / महान | যুগান্তকাৰী / ঐতিহাসিক |
| शोध | अनुसंधान / खोज (Research) | গৱেষণা / অনুসন্ধান |
(क) मेरी क्यूरी का संक्षिप्त परिचय दो।
उत्तर: मेरी क्यूरी विश्व की एक महानतम महिला वैज्ञानिक थीं। उनका जन्म 7 नवंबर 1867 को पोलैंड की राजधानी वारसा में हुआ था। बचपन में उनका नाम मारिया स्कोलोडोवस्का था। उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में पेरिस के सोरबोन विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और अपने वैज्ञानिक पति पियरे क्यूरी के साथ मिलकर 'पोलोनियम' और 'रेडियम' जैसे तत्वों की खोज की। वे दो बार नोबेल पुरस्कार पाने वाली विश्व की एकमात्र महिला वैज्ञानिक हैं।
(ख) मैडम क्यूरी को किस-किस विषय में और कब-कब नोबेल पुरस्कार मिले थे?
उत्तर: मैडम क्यूरी को दो बार नोबेल पुरस्कार मिले:
- 1903 ई. में: भौतिक शास्त्र (Physics) के क्षेत्र में रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की खोज के लिए (पति पियरे क्यूरी और हेनरी बैकरेल के साथ संयुक्त रूप से)।
- 1911 ई. में: रसायन शास्त्र (Chemistry) के क्षेत्र में शुद्ध रेडियम के निष्कर्षण (Isolation of Pure Radium) के लिए।
(ग) मैडम क्यूरी ने किन चीजों की खोज की? शोध-कार्य के समय उन्हें कौन-सी परेशानियाँ उठानी पड़ीं?
उत्तर: मैडम क्यूरी ने 'पोलोनियम' और 'रेडियम' नामक दो नए रेडियोधर्मी तत्वों की खोज की।
शोध-कार्य के समय परेशानियाँ: उनके पास कोई उपयुक्त प्रयोगशाला और आधुनिक उपकरण नहीं थे। प्रयोगशाला में गैस निकलने की व्यवस्था न होने से वहाँ का वातावरण दूषित और अस्वास्थ्यकर था। उन्हें कई टन भारी रासायनिक पदार्थों को उबलते हुए हिलाना पड़ता था। लगातार अत्यधिक परिश्रम करने के कारण वे बीमार पड़ गईं और उन्हें टी.बी. तथा निमोनिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ा।
(ঘ) मेरी क्यूरी की खोज मानव समाज के लिए किस तरह लाभकारी सिद्ध हुई?
उत्तर: मेरी क्यूरी द्वारा की गई रेडियम और रेडियोधर्मी किरणों की खोज मानव जाति के लिए अत्यंत कल्याणकारी साबित हुई। इसकी सहायता से चिकित्सा विज्ञान में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का उपचार (रेडियोथेरेपी) संभव हो सका। इसके अतिरिक्त शरीर के भीतरी भागों की जाँच के लिए एक्स-रे (X-Ray) तकनीक का विकास हुआ, जिससे लाखों रोगियों और घायल सैनिकों का इलाज संभव हुआ।
(ङ) रेडियोधर्मी रश्मियों की कौन-सी विशेषताएँ हैं?
उत्तर: रेडियोधर्मी रश्मियों (किरणों) की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- इन किरणों की सहायता से असली और नकली हीरे की पहचान की जा सकती है।
- इनकी मदद से मानव शरीर के भीतरी अंगों को देखना संभव हुआ।
- यह किरणें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की कोशिकाओं को नष्ट करने में अत्यंत प्रभावकारी हैं।
(च) मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अल्बर्ट आइनस्टाइन ने क्या कहा था?
उत्तर: मेरी क्यूरी के निधन पर महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइनस्टाइन ने कहा था— "दुनिया की प्रसिद्ध हस्तियों में यह एक ऐसा नाम है, जो आजीवन बेदाग रहा।"
(क) मैडम क्यूरी की बड़ी पुत्री का नाम आइरीन / पियरे / जुलियेट था।
उत्तर: आइरीन
(ख) पियरे क्यूरी की मृत्यु सड़क दुर्घटना / बीमारी / बुढ़ापा के कारण हुई।
उत्तर: सड़क दुर्घटना
(ग) मेरी को दूसरी बार भौतिक शास्त्र / रसायन शास्त्र / अर्थशास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार मिला।
उत्तर: रसायन शास्त्र
(घ) मैडम क्यूरी को मधुमेह / कैंसर / एनिमिया की बीमारी हुई थी।
उत्तर: एनिमिया
(ङ) पोलैंड / फ्रांस / भारत / इटली में मैडम क्यूरी का जन्म हुआ था।
उत्तर: पोलैंड
(क) क्यूरी दंपति का यह शोध कार्य धैर्य, अध्यवसाय और आत्मोत्सर्ग की मिसाल था।
(ख) मेरी ने इस विश्वयुद्ध में अपनी बेटी आइरीन के साथ सचल एक्सरे इकाई का गठन किया और सेविका बनकर घायलों की चिकित्सा की।
(ग) मानव समाज उनकी युगांतरकारी खोजों और महान कल्याणकारी कार्यों को हमेशा याद रखेगा।
(क) कुछ खाकर ही बाजार निकलो। (कौन / कुछ / कोई)
(ख) हमारे संवाददाता ने यह सूचना दी है। (हम / हमारे / आप)
(ग) मेरा एक कुत्ता है, जो अकारण नहीं भुंकता। (तेरे / मेरा / मैं)
(घ) मैं अपने काम पर लौट आया। (मैं / हम / आप)
(ङ) जो कमाएगा वही खाएगा। (वे / जो / कुछ)
1. सामान्य वर्तमान: वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है।
2. तात्कालिक वर्तमान: बच्चे मैदान में फुटबॉल खेल रहे हैं।
3. संदिग्ध वर्तमान: माताजी खाना बनाती होंगी।
(क) गाय हमें दूध देती है।
(ख) स्कूल में बहुत लड़के पढ़ते हैं।
(ग) अमन इस बार छुट्टी में दिल्ली जाएगा।
(ঘ) रीता ने खरगोश को गाजर खिलाया।
(ङ) मजदूर मिलकर काम करते हैं।
(च) सचिन हमेशा क्रिकेट खेलता है।
• नोबेल पुरस्कार की शुरुआत स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल (डायनामाइट के आविष्कारक) की याद में की गई थी।
• मैडम क्यूरी की बड़ी बेटी आइरीन क्यूरी को 1935 ई. में रसायन शास्त्र में और छोटी बेटी ईव क्यूरी को 1965 ई. में शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था।