पाठ-12 : बाढ़ का मुकाबला
कक्षा - 8 (Class 8) | आलोक भाग-3 (SCERT Assam)
पाठ का मुख्य सार:
असम में बाढ़ (बानপানী) एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है। सावन के महीने में मूसलाधार बारिश के कारण धनशिरी नदी का तटबंध टूटने से गाँव में बाढ़ आ जाती है। पाठ में दर्शाया गया है कि किस प्रकार छात्र समीरण और उसके स्वयंसेवी साथियों ने शिक्षकों ও ग्रामवासियों के सहयोग से राहत शिविर में सेवा की और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर पीड़ितों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाईं। यह पाठ हमें आपदा के समय एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देता है।
शब्दार्थ (শব্দাৰ্থ)
शब्दअर्थ (Hindi)অসমীয়া অৰ্থ
मुकाबलासामना करना / डटकर खड़ा होनाমোকাবিলা / সন্মুখীন হোৱা
राहतसहायता / चैन / आरामসকাহ / সাহাৰ্য / আশ্বস্তি
किल्लतकमी / तंगी / अभावঅভাৱ / নাটনি
बदबूदुर्गंधদুৰ্গন্ধ / বেয়া গোন্ধ
तांडवविनाशकारी रूप / भारी तबाहीধ্বংসলীলা / তাণ্ডৱ
तटबंधबाँध (नदी का किनारा)নৈৰ মথাউৰি / বান্ধ
सुकूनशांति / चैनশান্তি / সুখ
मुहैयाउपलब्ध कराना / देनाযোগান ধৰা / উপলব্ধ কৰোৱা
मूसलाधारबहुत तेज़ लगातार बारिशধাৰাসাৰ / মুষলধাৰ বৰষুণ
शिकायतदोष या कष्ट की सूचनाঅভিযোগ
पाठ से (पाठভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 1. समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में क्यों बाढ़ आई थी ?
उत्तर: कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण धनशिरी नदी का जल-स्तर बहुत बढ़ गया था और उसका तटबंध (मथाउरी) टूट गया था। इस कारण समीरण के गाँव और आस-पास के विस्तृत क्षेत्र में भीषण बाढ़ आ गई थी।
प्रश्न 2. पाठ में उल्लिखित राहत शिविर की स्थिति का वर्णन करो।
उत्तर: स्थानीय विद्यालय में स्थापित राहत शिविर की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। वहाँ पीने के स्वच्छ पानी की भारी किल्लत थी, मच्छरों का भयंकर उपद्रव था और चारों तरफ फैली गंदगी व बदबू के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो रहा था। भोजन, कपड़े और दवाइयों का भारी अभाव था तथा महिलाओं और छोटे बच्चों को बहुत कष्ट सहना पड़ रहा था।
प्रश्न 3. समीरण के सहयोगियों के नाम लिखो।
उत्तर: समीरण के प्रमुख सहयोगी थे— अब्दुल, मृदुल, स्मृति, प्रियम और रश्मि
प्रश्न 4. राहत शिविर में किन-किन सामग्रियों का अभाव था ?
उत्तर: राहत शिविर में मुख्य रूप से पीने के स्वच्छ जल, चावल, शिशु आहार, पहनने के कपड़े, आवश्यक दवाइयों, स्नानागार (शौचालय), बिजली तथा मच्छरों से बचने के लिए डीडीटी और मच्छरदानियों का भारी अभाव था।
प्रश्न 5. बाढ़ राहत संबंधी सभा में क्या-क्या निर्णय लिए गए ?
उत्तर: सभा में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
  1. गोलाघाट के जिला उपायुक्त को आवेदन-पत्र देकर राहत शिविर में खाद्य और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की माँग की जाए।
  2. स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायती पत्र देकर शिविर में साफ-सफाई, दवाइयों और डीडीटी छिड़काव की व्यवस्था कराई जाए।
  3. बिजली और नागरिक स्वास्थ्य तकनीकी विभाग को बिजली व पेयजल के लिए पत्र दिया जाए।
  4. दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जाकर संबंधित अधिकारियों को ये पत्र सौंपेगा।
प्रश्न 6. बाढ़ पीड़ितों ने कब राहत की साँस ली ?
उत्तर: जब छात्रों और ग्राम सभा के आवेदन पर जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए राहत शिविर में राहत सामग्री, भोजन, स्वच्छ पेयजल और दवाइयों जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करा दीं, तब बाढ़ पीड़ितों ने राहत की साँस ली।
प्रश्न 7. आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र लिखने में किसने समीरण और रश्मि की मदद की ?
उत्तर: माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक श्री बरुवा सर ने आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र लिखने में समीरण और रश्मि की मदद की।
प्रश्न 8. आवेदन-पत्र में उपायुक्त महोदय से क्या प्रार्थना की गई ?
उत्तर: आवेदन-पत्र में उपायुक्त महोदय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए उचित कदम उठाने तथा स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल विभागों को तुरंत निर्देश देकर राहत शिविर में जरूरी सुविधाएँ मुहैया कराने की प्रार्थना की गई।
प्रश्न 9. शिकायती पत्र का विषय क्या था ?
उत्तर: शिकायती पत्र का विषय था— "स्वास्थ्य सम्बंधी यथोचित सुविधा प्रदान के लिए प्रार्थना।"
प्रश्न 10. बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष कौन थे ?
उत्तर: बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष पानीकरा ग्राम सभा के अध्यक्ष श्री परमानंद दास जी थे।
पाठ के आस-पास (হিন্দী মাহৰ নাম)
प्रश्न 4. हिन्दी (भारतीय पंचांग) के 12 महीनों के नाम क्रम से लिखो:
क्र.सं.महीने का नामक्र.सं.महीने का नाम
1वैशाख (वैसाख)7कार्तिक
2ज्येष्ठ (जेठ)8मार्गशीर्ष (अगहन)
3आषाढ़9पौष (पूस)
4श्रावण (सावन)10माघ
5भाद्रपद (भादों)11फाल्गुन (फागुन)
6आश्विन (क्वार)12चैत्र (चैत)
आपदा प्रबंधन एवं स्वयंसेवी संगठन:
एन.सी.सी. (NCC) एवं स्काउट-गाइड: बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ितों की सहायता, राहत सामग्री वितरण, प्राथमिक चिकित्सा और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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