• उद्गम स्थल: मानसरोवर के निकट 'चेमा युंगदंग' हिमानी (ग्लेशियर), तिब्बत (5100 मीटर ऊँचाई)।
• कुल लंबाई: लगभग 2900 किलोमीटर (उद्गम से बंगाल की खाड़ी तक)।
• विभिन्न नाम:
- तिब्बत (चीन): सॉ-पो (सांगपो - विशाल नदी)
- अरुणाचल प्रदेश: दिहंग (सियांग)
- मिश्मी जनजाति: लुइत (तारों की राजकुमारी)
- असमिया: लुइत, बुढ़ा लुइत, महाबाहु
- संस्कृत: लौहित्य (लाल धारा के कारण)
- बांग्लादेश: जमुना, पद्मा और मेघना
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| महाबाहु | लंबी भुजाओं वाला / विशाल शक्तिमान | দীঘল বাহুযুক্ত / মহাশক্তিশালী |
| हिमानी | ग्लेशियर / बर्फ की नदी | হিমবাহ / বৰফৰ নদী |
| दुर्गम | जहाँ पहुँचना कठिन हो | দুৰ্গম / যাতায়াতৰ কঠিন পথ |
| खाड़ी | तीन ओर स्थल से घिरा समुद्र | উপসাগৰ (যেনে বঙ্গোপসাগৰ) |
| पठार | ऊँची और समतल भूमि | মালভূমি |
| थाती | धरोहर / अमानत | ঐতিহ্য / সাঁচতীয়া সম্পদ |
| फरसा | परशु / कुल्हाड़ी जैसा अस्त्र | কুঠাৰ সদৃশ অস্ত্ৰ (পৰশু) |
| स्टीमर | भाप से चलने वाला छोटा जहाज | ষ্টিমাৰ / ভাপ-জাহাজ |
| विभोर | तल्लीन / आनंद में डूबा हुआ | বিভোৰ / আত্মহাৰা |
| मुहाना | जहाँ नदी समुद्र से मिलती है | নৈৰ মোহনা |
| पेटी | नदी का पाट / तलहटी | নৈৰ বক্ষ / তলিভাগ |
| उथली | कम गहरी | বাম / গভীৰতা কম |
(क) ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को किस खाड़ी में सौंप देता है ?
उत्तर: ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को बंगाल की खाड़ी में सौंप देता है।
(ख) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की माँ कौन है ?
उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की माँ अमोघा हैं।
(ग) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र के पिता कौन हैं ?
उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र के पिता ब्रह्मा हैं।
(ঘ) मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को किस नाम से पुकारते हैं ?
उत्तर: मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को 'लुइत' (अर्थात तारों की राजकुमारी) के नाम से पुकारते हैं।
(ङ) प्रमुख नदी-द्वीप माजुली किसकी गोद में बसा है ?
उत्तर: प्रमुख नदी-द्वीप माजुली महाबाहु ब्रह्मपुत्र की गोद में बसा है।
(च) नीलाचल पहाड़ी पर किसका मंदिर है ?
उत्तर: नीलाचल पहाड़ी के शिखर पर माँ कामाख्या का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मंदिर है।
(क) ब्रह्मपुत्र के जन्म के साथ किन-किन का संबंध बताया जाता है ?
उत्तर: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मा जी और अमोघा का संबंध ब्रह्मपुत्र के जन्म से है। वहीं भूगर्भ शास्त्रियों के अनुसार ब्रह्मपुत्र का जन्म हिमालय पर्वत से भी पहले हुआ था।
(ख) ब्रह्मपुत्र की सही उत्पत्ति कहाँ से हुई ?
उत्तर: ब्रह्मपुत्र की उत्पत्ति कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर झील से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित 'चेमा यूंगदंग' हिमानी (ग्लेशियर) से हुई है, जो समुद्र तल से 5100 मीटर की ऊँचाई पर है।
(ग) ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी तथा बाईं ओर से आकर मिलने वाली नदियों के नाम लिखो।
उत्तर:
- दाहिनी ओर से मिलने वाली नदियाँ: सुवनशिरी, जीयाभरली, धनशिरी, बरनदी, मानाह (मानस), सोणकोष और तिस्ता।
- बाईं ओर से मिलने वाली नदियाँ: बुढ़ी दिहिंग, दिसांग, दिखौ, झांझी और जिजिराम।
(ঘ) बांग्लादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को किन नामों से जाना जाता है ?
उत्तर: बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र को जमुना, पद्मा और मेघना के नामों से जाना जाता है।
(ङ) बरसात के दिनों के ब्रह्मपुत्र का वर्णन करो।
उत्तर: बरसात के दिनों में ब्रह्मपुत्र का रूप अत्यंत उग्र और भयानक हो जाता है। वर्षा के भारी जल-प्रवाह और नदी की पेटी उथली होने के कारण इसका पानी किनारों को लांघकर पूरे असम में विनाशकारी बाढ़ का रूप ले लेता है।
(च) भूगर्भ शास्त्र के विद्वान ब्रह्मपुत्र की उत्पत्ति कहाँ से मानते हैं ?
उत्तर: भूगर्भ शास्त्र के विद्वान मानते हैं कि ब्रह्मपुत्र का जन्म हिमालय पर्वत के निर्माण से भी पहले हुआ था और असम का मैदानी भाग ब्रह्मपुत्र ने ही बनाया है।
(ছ) ब्रह्मपुत्र-जैसे जलमार्ग के जरिए कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हुई हैं ?
उत्तर: ब्रह्मपुत्र जलमार्ग (राष्ट्रीय जलमार्ग सं.-2) व्यापार और आवागमन का प्रमुख माध्यम रहा है। अंग्रेजों के समय रेलगाड़ी की पटरियाँ, इंजन और डिब्बे इसी जलमार्ग से ऊपरी असम के चाय बागानों तक पहुँचाए गए थे। साथ ही यह भारी माल ढुलाई और जल-पर्यटन के लिए अत्यंत उपयोगी है।
(জ) ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम लिखो।
उत्तर: ब्रह्मपुत्र के तट पर बसे प्रमुख नगर हैं— डिब्रूगढ़, तेजपुर, गुवाहाटी, शुवालकुछि, पलाशबाड़ी, गोवालपाड़ा और धुबरी।
(क) 'मैं असम की संस्कृति का पोषक हूँ।'
आशय: ब्रह्मपुत्र केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि असमिया समाज, इतिहास और संस्कृति का प्राण है। माजुली की सत्र संस्कृति, तेजपुर का प्राचीन इतिहास, कामाख्या शक्तिपीठ और विभिन्न जनजातियों का समन्वय इसी नदी के तट पर फला-फूला है। इसलिए ब्रह्मपुत्र असम की संस्कृति का सच्चा पोषक है।
(ख) 'मैं सिर्फ एक नद या जल-प्रवाह नहीं हूँ। मैं अपने समाज का एक विनम्र सहायक और सखा भी हूँ।'
आशय: ब्रह्मपुत्र अनादि काल से असम के लोगों के लिए जीवनदायिनी जल, आजीविका (मत्स्य पालन, कृषि) और यातायात का साधन बनकर एक सच्चे मित्र की तरह समाज की सेवा करता आ रहा है।
(क) ...... नामक राष्ट्रीय उद्यान मेरा साथी है।
(अ) मानस (आ) ओरांग (इ) बुढ़ापहाड़ (ई) काजीरंगा
उत्तर: (ई) काजीरंगा
(ख) ...... ने मुझे विषय बनाकर एक उपन्यास लिखा है।
(अ) प्रेमचंद (आ) जयशंकर प्रसाद (इ) देवेंद्र सत्यार्थी (ई) डॉ. भूपेन हाजरिका
उत्तर: (इ) देवेंद्र सत्यार्थी ('ब्रह्मपुत्र' उपन्यास)
(ग) इस ...... से मैं उग्र हो जाता हूँ।
(अ) कमजोरी (आ) थकान (इ) व्यस्तता (ई) बोझ
उत्तर: (आ) थकान
(घ) मेरे किनारों पर लगे वनों को ...... मनुष्यों ने नष्ट कर दिया है।
(अ) दुष्ट (आ) लोभी (इ) लालची (ई) मूर्ख
उत्तर: (इ) लालची
• परशुराम कुंड (शदिया): मान्यता है कि भगवान परशुराम ने अपनी मातृ-हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए ब्रह्मपुत्र की धारा में अपना फरसा धोया था। यहाँ मकर संक्रांति पर मेला लगता है।
• अशोक अष्टमी: इस पावन दिन पर श्रद्धालु ब्रह्मपुत्र में स्नान करते हैं, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मपुत्र में गंगा की पवित्रता समाहित हो जाती है।