पाठ-1 : भारत हमको जान से प्यारा है
कक्षा - 8 (Class 8) | आलोक भाग-3 (SCERT Assam)
गीत परिचय:
• फ़िल्म: रोज़ा (Roja)
• गीतकार: पी.के. मिश्र
• संगीतकार: ए.आर. रहमान
• गायक: हरिहरण
• फ़िल्म: रोज़ा (Roja)
• गीतकार: पी.के. मिश्र
• संगीतकार: ए.आर. रहमान
• गायक: हरिहरण
शब्दार्थ (শব্দাৰ্থ)
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| जान | प्राण / जीवन | জীৱন / প্ৰাণ |
| न्यारा | निराला / सबसे अलग | অনুপম / সুকীয়া |
| गुलिस्ताँ | बाग / बगीचा | ফুলনি / বাগিচা |
| शान | गौरव / प्रतिष्ठा | গৌৰৱ / মৰ্যাদা |
| कुर्बान | बलिदान / न्योछावर | উৎসৰ্গা / বলিদান |
| चमन | फुलवारी / उपवन | সুন্দৰ ফুলনি |
| वतन | मातृभूमि / देश | স্বদেশ / জন্মভূমি |
| कोरी | खाली / रिक्त | খালী / শূণ্য |
| बरबाद | नष्ट | ধ্বংস / নষ্ট |
| आवाज़ | स्वर / ध्वनि / नारा | কণ্ঠস্বৰ / ধ্বনি |
पाठ से (পাঠভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 1. प्रस्तुत गीत को सभी मिलकर एक साथ गाएँ।
(यह कक्षा में शिक्षक-शिक्षिका की सहायता से समूह में गाने की गतिविधि है।)
प्रश्न 2. सही कथनों के आगे (✓) और गलत कथन के आगे (✗) का निशान लगाओ:
(क) सबके लिए अपना देश जान से प्यारा होता है।
✓ सही
(ख) सदियों से भारत दुनिया का गौरव रहा है।
✓ सही
(ग) यह कोई नहीं चाहता कि उसका देश टूट कर अलग हो जाए।
✓ सही
(ঘ) हमारे देश में हिंदू-मुसलमानों में एकता नहीं है।
✗ गलत
(ङ) हम सब भारतवासी हैं।
✓ सही
(च) भारत में अनेक भाषाएँ प्रचलित हैं।
✓ सही
प्रश्न 3. नीचे दिए गए गीतांश के भाव को अपनी भाषा में लिखो:
"असम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
इनके सभी गुण एक हैं, भाषा अलग सुर एक हैं
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज दो हम एक हैं... जागो...."
"असम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
इनके सभी गुण एक हैं, भाषा अलग सुर एक हैं
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज दो हम एक हैं... जागो...."
भावार्थ:
इस गीतांश का भाव यह है कि भारत एक विशाल देश है। असम से लेकर गुजरात तक और बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तथा कश्मीर से लेकर मद्रास (तमिलनाडु) तक भले ही लोगों की भाषाएँ, वेशभूषा और रहन-सहन अलग-अलग हों, लेकिन सभी का मन और संस्कृति एक है। हम सब एक ही सुर में बंधे हुए हैं। इसलिए हमें जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव को भूलकर एक स्वर में कहना चाहिए कि हम सब एक हैं।
इस गीतांश का भाव यह है कि भारत एक विशाल देश है। असम से लेकर गुजरात तक और बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तथा कश्मीर से लेकर मद्रास (तमिलनाडु) तक भले ही लोगों की भाषाएँ, वेशभूषा और रहन-सहन अलग-अलग हों, लेकिन सभी का मन और संस्कृति एक है। हम सब एक ही सुर में बंधे हुए हैं। इसलिए हमें जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव को भूलकर एक स्वर में कहना चाहिए कि हम सब एक हैं।
पाठ के आस-पास (অতিৰিক্ত প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 2. देशभक्ति गीतों की तालिका:
| क्र.सं. | गीत की पहली पंक्ति | फिल्म का नाम | संगीतकार | गायक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मेरे देश की धरती | उपकार | कल्याणजी-आनंदजी | महेंद्र कपूर |
| 2 | ऐ मेरे वतन के लोगों | देशभक्ति गीत | सी. रामचंद्र | लता मंगेशकर |
| 3 | कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन | हक़ीक़त | मदन मोहन | मोहम्मद रफ़ी |
| 4 | जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया | सिकंदर-ए-आज़म | हंसराज बहल | मोहम्मद रफ़ी |
प्रश्न 3. भारत भूमि सदियों से 'दुनिया की शान' बनी रही, इसके कारण क्या-क्या हो सकते हैं?
उत्तर: भारत भूमि सदियों से दुनिया की शान रही है, इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृति: भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है।
- अनेकता में एकता: यहाँ विभिन्न धर्मों, जातियों और भाषाओं के लोग आपस में मिल-जुलकर रहते हैं।
- शांति और अहिंसा का संदेश: भारत ने सदा विश्व को सत्य, अहिंसा और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की सीख दी है।
- ज्ञान और विज्ञान: योग, आयुर्वेद, शून्य (0) और गणित के क्षेत्र में भारत ने पूरी दुनिया को दिशा दिखाई है।
प्रश्न 4. हमारे देश के विभिन्न धर्म और उनकी प्रमुख सीखें क्या हैं? सभी धर्मों की समान बातें लिखो।
उत्तर:
हमारे देश में मुख्य रूप से हिंदू, इस्लाम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के लोग रहते हैं।
सभी धर्मों की समान बातें (सार):
हमारे देश में मुख्य रूप से हिंदू, इस्लाम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के लोग रहते हैं।
सभी धर्मों की समान बातें (सार):
- सभी धर्म सत्य, प्रेम और दया की शिक्षा देते हैं।
- किसी भी प्राणी को कष्ट न पहुँचाना (अहिंसा)।
- गरीबों और असहाय लोगों की सेवा करना।
- आपसी भाईचारा बनाए रखना तथा बड़ों का आदर करना।
प्रश्न 5. अपने देश या मातृभूमि के लिए हमारा क्या कर्तव्य होना चाहिए?
उत्तर: मातृभूमि के प्रति हमारे प्रमुख कर्तव्य हैं:
- देश के संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करना।
- देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना।
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना।
- देश की रक्षा और प्रगति के लिए सदा तैयार रहना।
प्रश्न 6. राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?
उत्तर: राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए:
- जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव को समाप्त करना चाहिए।
- एक-दूसरे के धर्म, त्योहार और संस्कृतियों का सम्मान करना चाहिए।
- आपस में प्रेम, शांति और भाईचारा बढ़ाना चाहिए।
प्रश्न 7. भारत की कुछ भाषाओं और उनके संबंधित राज्यों के नाम:
| क्र.सं. | भाषा का नाम | किस राज्य में बोली जाती है |
|---|---|---|
| 1 | असमिया (অসমীয়া) | असम |
| 2 | बांग्ला | पश्चिम बंगाल |
| 3 | गुजराती | गुजरात |
| 4 | मराठी | महाराष्ट्र |
| 5 | तमिल | तमिलनाडु |
| 6 | तेलुगु | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना |
| 7 | हिंदी | उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि |
प्रश्न 9. कविता की पंक्तियों को पढ़कर मूलभाव लिखो और एक उचित शीर्षक दो:
"तीन रंग का इसका झंडा, यह भारत की शान है।।
इस झंडे को नमन करें हम, यह हम सबकी शान है।
भारत देश महान है।।
कलकल-कलकल बहती नदियाँ, करतीं यश का गान हैं।
भारत देश महान है।।"
"तीन रंग का इसका झंडा, यह भारत की शान है।।
इस झंडे को नमन करें हम, यह हम सबकी शान है।
भारत देश महान है।।
कलकल-कलकल बहती नदियाँ, करतीं यश का गान हैं।
भारत देश महान है।।"
उचित शीर्षक: हमारा तिरंगा / भारत देश महान
मूलभाव: इन पंक्तियों में भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे तथा देश की महानता का वर्णन किया गया है। तिरंगा हमारे देश का गौरव है, जिसे हमें शीश झुकाकर नमन करना चाहिए। यहाँ की पवित्र नदियाँ निरंतर बहकर भारत के यश का गान करती हैं।
मूलभाव: इन पंक्तियों में भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे तथा देश की महानता का वर्णन किया गया है। तिरंगा हमारे देश का गौरव है, जिसे हमें शीश झुकाकर नमन करना चाहिए। यहाँ की पवित्र नदियाँ निरंतर बहकर भारत के यश का गान करती हैं।
भाषा-अध्ययन (ভাষা আৰু ব্যাকৰণ)
प्रश्न 1. "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" इस कथन का मूल भाव स्पष्ट करो और अपनी जन्मभूमि की रक्षा के लिए तुम क्या करोगे, पाँच वाक्यों में लिखो:
मूल भाव:
इस कथन का अर्थ है कि जन्म देने वाली माता और जहाँ हमने जन्म लिया वह मातृभूमि (जन्मभूमि) स्वर्ग से भी बढ़कर (श्रेष्ठ) होती हैं।
जन्मभूमि की रक्षा के लिए पाँच वाक्य:
इस कथन का अर्थ है कि जन्म देने वाली माता और जहाँ हमने जन्म लिया वह मातृभूमि (जन्मभूमि) स्वर्ग से भी बढ़कर (श्रेष्ठ) होती हैं।
जन्मभूमि की रक्षा के लिए पाँच वाक्य:
- (क) मैं अपने देश के नियमों और कानूनों का सदा पालन करूँगा।
- (ख) मैं देश की एकता, शांति और सद्भाव बनाए रखने में सहयोग दूँगा।
- (ग) मैं राष्ट्र के सम्मान और रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने को तत्पर रहूँगा।
- (घ) मैं पर्यावरण और देश की सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा करूँगा।
- (ङ) मैं पढ़-लिखकर देश की उन्नति और विकास में अपना योगदान दूँगा।
विशेष जानकारी: आज के तमिलनाडु राज्य का पुराना नाम मद्रास था। मद्रास शहर को वर्तमान समय में चेन्नई कहा जाता है।