पाठ 7 - हार की जीत | सरल प्रश्न-उत्तर
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पाठ-7 : हार की जीत

सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर

पाठ का सार

सुदर्शन की प्रसिद्ध कहानी “हार की जीत” बाबा भारती और उनके प्रिय घोड़े सुलतान की कथा है। डाकू खड़गसिंह छल से सुलतान को ले जाता है, पर बाबा उससे घटना किसी को न बताने का आग्रह करते हैं, क्योंकि इससे लोग दीन-दुखियों पर विश्वास करना छोड़ देंगे। बाबा की करुणा और महान विचारों से खड़गसिंह का हृदय बदल जाता है और वह घोड़ा लौटा देता है। कहानी सिखाती है कि दया, विश्वास और मानवता बुराई पर विजय पा सकते हैं।

🌸 पाठ से

1. सही उत्तर चुनो

(क) बाबा भारती ने अपने प्रिय घोड़े का क्या नाम रखा था?

उत्तर(ii) सुलतान।

(ख) “मैं सुलतान के बिना न रह सकूँगा।” यह कथन किसका है?

उत्तर(ii) बाबा भारती का।

(ग) “जो उसे एक बार देख लेता है, उसके हृदय पर उसकी छवि अंकित हो जाती है।” यहाँ ‘उसे’ से किसका बोध होता है?

उत्तर(i) सुलतान का।

2. एक वाक्य में उत्तर दो

(क) बाबा भारती को क्या देखकर आनंद आता था?

उत्तरबाबा भारती को सुलतान को दौड़ते हुए देखकर आनंद आता था।

(ख) खड़गसिंह कौन था?

उत्तरखड़गसिंह उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू था।

(ग) खड़गसिंह बाबा भारती के पास क्यों आया था?

उत्तरवह बाबा भारती के प्रसिद्ध घोड़े सुलतान को देखने आया था।

(घ) बाबा भारती के मन में किस बात का डर समा गया?

उत्तरउन्हें डर था कि खड़गसिंह सुलतान को चुरा ले जाएगा।

(ङ) वह अपाहिज व्यक्ति कौन था?

उत्तरवह अपाहिज व्यक्ति के वेश में खड़गसिंह था।

3. संक्षेप में उत्तर दो

(क) बाबा भारती सुलतान की देखभाल कैसे करते थे?

उत्तरवे अपने हाथ से उसका खरहरा करते, दाना खिलाते और स्वयं उसकी देखभाल करते थे। प्रेम के कारण वे कई बार अस्तबल में ही रहते थे।

(ख) घोड़े को देखकर खड़गसिंह ने क्या निश्चय किया?

उत्तरउसने निश्चय किया कि वह सुलतान को किसी भी तरह प्राप्त करेगा।

(ग) सुलतान की विशेषताओं के बारे में लिखो।

उत्तरसुलतान अत्यंत सुंदर, बलवान और तेज घोड़ा था। उसकी चाल और बाँका रूप देखने वालों के मन पर छाप छोड़ देते थे।

(घ) सुलतान को दोबारा पाकर बाबा भारती के अंदर क्या प्रतिक्रिया हुई?

उत्तरवे आश्चर्य और प्रसन्नता से भर गए। उन्होंने सुलतान को गले लगाया, रोए और निश्चय किया कि अब किसी दीन-दुखी की सहायता से मुँह नहीं मोड़ेंगे।

4. किसने किससे और कब कहा?

(क) “ओ बाबा, इस कंगले की भी सुनते जाना।”

उत्तरअपाहिज बने खड़गसिंह ने बाबा भारती से तब कहा, जब बाबा सुलतान पर सवार होकर उसके पास से जा रहे थे।

(ख) “इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करना।”

उत्तरबाबा भारती ने खड़गसिंह से सुलतान छिन जाने के बाद कहा।

(ग) “अब कोई दीन-दुखियों की सहायता से मुँह न मोड़ेगा।”

उत्तरसुलतान को वापस पाकर बाबा भारती ने संतोष और प्रसन्नता से स्वयं से कहा।

🐎 पाठ के आस-पास

1(क). घोड़े के खाद्य पर सही चिह्न लगाओ।

उत्तरघास और चना घोड़े के प्रमुख खाद्य हैं।

1(ख). भिन्न प्राणी पर गोला लगाओ - घोड़ा, गाय, गधा, शेर।

उत्तरशेर भिन्न है, क्योंकि वह मांसाहारी और जंगली पशु है; बाकी तीन शाकाहारी हैं।

1(ग). किसकी सवारी करना तुम्हें अच्छा लगता है? कारण बताओ।

नमूना उत्तरमुझे घोड़े की सवारी करना अच्छा लगता है, क्योंकि घोड़ा तेज, सुंदर और समझदार पशु है।

2. महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के बारे में जानकारी प्राप्त करो।

उत्तरचेतक महाराणा प्रताप का वीर, स्वामिभक्त और तेज घोड़ा था। हल्दीघाटी के युद्ध में घायल होने के बाद भी उसने महाराणा प्रताप को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया और अपने प्राण त्याग दिए। भारतीय इतिहास में वह निष्ठा और साहस का प्रतीक है।

⭐ योग्यता-विस्तार

1. कहानी का एकांकी रूप तैयार कर अभिनय करो।

सुझावपात्र - सूत्रधार, बाबा भारती और खड़गसिंह। दृश्य - अस्तबल में सुलतान की देखभाल, खड़गसिंह का घोड़ा देखना, अपाहिज बनकर घोड़ा लेना और अंत में सुलतान लौटाना।

2. सुदर्शन जी की अन्य कहानियाँ पढ़ो।

सुझावविद्यालय के पुस्तकालय से सुदर्शन जी की कहानी-पुस्तक लेकर शिक्षक की सहायता से दो कहानियाँ पढ़ो और उनका सार कक्षा में सुनाओ।

3. “दुष्ट से दुष्ट मनुष्य का भी हृदय-परिवर्तन संभव है।” चर्चा करो।

उत्तरप्रेम, करुणा और अच्छे विचार मनुष्य के भीतर छिपी अच्छाई जगा सकते हैं। बाबा भारती की निःस्वार्थ चिंता ने डाकू खड़गसिंह को लज्जित किया। उसका हृदय बदल गया और उसने सुलतान लौटा दिया। इससे कथन सत्य सिद्ध होता है।

✍️ भाषा-अध्ययन

1. पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द लिखो।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगपुल्लिंगस्त्रीलिंग
बालकबालिकाचाचाचाची
मामामामीबकराबकरी
भाईबहनधोबीधोबिन
कुत्ताकुतियाराजारानी

2. एकवचन और बहुवचन समझो।

एकवचन: लड़का, चूहा।   बहुवचन: लड़के, चूहे।

‘कौन’ एकवचन होते हुए भी सम्मान प्रकट करने के लिए “कौन आए हैं?” वाक्य में बहुवचन क्रिया के साथ प्रयुक्त हुआ है।

3. भूतकाल के भेदों के दो-दो उदाहरण बनाओ।

भेदउदाहरण 1उदाहरण 2
सामान्य भूतरीना ने पत्र लिखा।मोहन ने भोजन किया।
आसन्न भूतरीना ने पत्र लिखा है।मोहन ने भोजन किया है।
पूर्ण भूतरीना ने पत्र लिखा था।मोहन ने भोजन किया था।
तात्कालिक भूतरीना पत्र लिख रही थी।मोहन भोजन कर रहा था।
अपूर्ण भूतरीना पत्र लिखती थी।मोहन रोज खेलता था।
संदिग्ध भूतरीना ने पत्र लिखा होगा।मोहन ने भोजन किया होगा।
हेतु-हेतुमद् भूतयदि रीना लिखती, तो पत्र पूरा होता।यदि मोहन पढ़ता, तो सफल होता।

📚 शब्दार्थ

खरहरा - घोड़े का मैल साफ करने की लोहे की कंघीबाँका - सुंदर और बना-ठना
असबाब - सामान या वस्तुअपाहिज - अंगहीन
घनघटा - बादलों की घटापाँवों का मन भर का होना - दुख के कारण चलने में कठिनाई
अस्तबल - घोड़े रखने का स्थानदास - सेवक
सहस्रों - हजारोंनेकी - भलाई
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