पाठ 6 - चाय : असम की एक पहचान
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पाठ-6 : चाय - असम की एक पहचान

सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर

पाठ का सार

चाय असम की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पहचान का महत्त्वपूर्ण भाग है। असम में चाय की खोज रॉबर्ट ब्रूस ने सिंगफो लोगों की सहायता से की और मणिराम दीवान असम के प्रथम चाय कृषक बने। आज असम की चाय अपनी सुगंध और स्वाद के कारण विश्व प्रसिद्ध है। चाय बगीचों के श्रमिकों का झुमुर नृत्य भी असम की समृद्ध संस्कृति का सुंदर अंग है।

🌸 पाठ से

1. पूर्ण वाक्य में जवाब दो

(क) चाय की खेती की शुरुआत सबसे पहले कहाँ हुई थी?

उत्तरचाय की खेती की शुरुआत सबसे पहले चीन में हुई थी।

(ख) सिंगफो लोग चाय को किस नाम से जानते थे?

उत्तरसिंगफो लोग चाय को “फालाप” नाम से जानते थे।

(ग) असम में चाय की खोज सबसे पहले किसने की?

उत्तरअसम में चाय की खोज सबसे पहले रॉबर्ट ब्रूस ने की थी।

(घ) असम के प्रथम चाय कृषक कौन थे?

उत्तरमणिराम दीवान असम के प्रथम चाय कृषक थे।

2. रेखा खींचकर मिलाओ।

उछल पड़नामग्न हो जाना
श्रीगणेश करनाआरंभ करना
हाथ बँटानामदद करना
खो जानाकूद पड़ना

3. संक्षेप में उत्तर दो

(क) हरी-हरी पत्तियों से चाय कैसे बनती है?

उत्तरकोमल पत्तियाँ तोड़कर कारखाने में मुरझाई, सुखाई, लपेटी और छाँटी जाती हैं। इस प्रक्रिया से पीने योग्य चाय तैयार होती है।

(ख) लोग चाय क्यों पीते हैं?

उत्तरचाय थकान कम करती, शरीर में ताजगी लाती और बातचीत व अतिथि-सत्कार का आनंद बढ़ाती है।

(ग) पीने के लिए चाय कैसे तैयार की जाती है?

उत्तरपानी उबालकर उसमें चायपत्ती डाली जाती है। स्वाद के अनुसार दूध और चीनी मिलाकर छान लिया जाता है।

(घ) भारत के किन राज्यों में चाय के बगीचे हैं?

उत्तरअसम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में चाय के बगीचे हैं।

🤝 पाठ के आस-पास

1. चाय बगीचे के लोगों की जातियाँ, जनजातियाँ और भाषाएँ बताओ।

उत्तरचाय बगीचों में संथाल, मुंडा, उराँव, गोंड, खड़िया, भूमिज आदि अनेक समुदाय रहते हैं। वे सादरी, संथाली, मुंडारी, कुरुख, असमिया, हिंदी आदि भाषाएँ बोलते हैं।

2. झुमुर नृत्य के पाँच गीत इकट्ठे करो।

उत्तरयह सामूहिक गतिविधि है। विद्यार्थी स्थानीय कलाकारों, पुस्तकों या शिक्षक की सहायता से पाँच प्रामाणिक झुमुर गीत चुनें और कक्षा में मिलकर गाएँ।

3. लंदन ओलंपिक में असम की चाय को मिलने वाले महत्त्व पर चर्चा करो।

उत्तरलंदन ओलंपिक में असम की चाय परोसे जाने से उसे विश्व स्तर पर पहचान मिली। इससे असम की चाय की गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध का प्रचार हुआ तथा निर्यात और राज्य के सम्मान में वृद्धि हुई।

⭐ योग्यता-विस्तार

1(क). “चाय असम की एक पहचान है” विषय पर लेख लिखो।

उत्तरअसम भारत का प्रमुख चाय उत्पादक राज्य है। यहाँ की जलवायु और मिट्टी चाय की खेती के लिए उपयुक्त हैं। हरे-भरे चाय बगीचे राज्य की सुंदरता बढ़ाते हैं और लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। असम की चाय अपने गहरे रंग, सुगंध और स्वाद के कारण विश्व प्रसिद्ध है। चाय उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और पर्यटन में बड़ा योगदान देता है। इसलिए चाय असम की सच्ची पहचान है।

1(ख). असम से निर्यात होने वाली तीन वस्तुओं के बारे में लिखो।

  • चाय: स्वाद और सुगंध के लिए विश्व प्रसिद्ध।
  • पेट्रोलियम: असम में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं।
  • मूगा रेशम: प्राकृतिक सुनहरे रंग के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध।

1(ग). झुमुर के अलावा कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?

उत्तरचाय बगीचे के समुदाय करम पूजा, टुसु पूजा, सरहुल, सोहराय, फगुआ और दीपावली आदि त्योहार मनाते हैं।

2. अगर धूप, हवा, पानी या पेड़-पौधे न हों तो क्या होगा?

  • धूप न हो तो प्रकाश और गर्मी नहीं मिलेगी तथा पौधे भोजन नहीं बना पाएँगे।
  • हवा न हो तो मनुष्य और जीव साँस नहीं ले पाएँगे।
  • पानी न हो तो जीवन संभव नहीं रहेगा।
  • पेड़-पौधे न हों तो ऑक्सीजन, भोजन, वर्षा और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा।

3. टिप्पणियाँ लिखो।

झुमुर: चाय बगीचे के समुदायों का लोकप्रिय सामूहिक लोकनृत्य।
बिहू: असम का प्रमुख कृषि-आधारित त्योहार; रोंगाली, कोंगाली और भोगाली इसके तीन रूप हैं।
बागुरुम्बा: बोडो समुदाय का प्रसिद्ध रंगीन लोकनृत्य, जो प्रकृति की सुंदरता को व्यक्त करता है।

4. राष्ट्रीय पक्षी पर गद्यांश के उत्तर।

(क) शीर्षक: हमारा राष्ट्रीय पक्षी - मोर
(ख) हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है।
(ग) मोर का पालन-पोषण, सम्मान और उसकी नस्ल की रक्षा करना नागरिकों का कर्तव्य है।
(घ) मोर के साथ निर्दयता रोकना हर भारतीय का धर्म है।

✍️ भाषा-अध्ययन

1. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखो।

जो खेत में काम करता हैकिसान
चार राहों का संगम स्थलचौराहा
जिसे देखा न जा सकेअदृश्य
जिसे पिया जा सकेपेय

2. संज्ञा के भेदों के उदाहरण।

भेदउदाहरण
व्यक्तिवाचक संज्ञागुवाहाटी, ब्रह्मपुत्र
जातिवाचक संज्ञालड़का, पुस्तक
भाववाचक संज्ञामित्रता, सुंदरता

📚 शब्दार्थ

निराला - अलगसंग्राम - युद्धपहचान - परिचयमशहूर - विख्यात
चौराहा - चार राहों का समूहताजगी - नयापनरवाना होना - चल देनावजह - कारण
शुरुआत - आरंभआयात - विदेश से वस्तु लानामदद - सहायतालगभग - प्रायः
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