गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी जातक कथाएँ हमें जीवन के नैतिक मूल्य सिखाती हैं। इस कहानी में बताया गया है कि जिस प्रकार गंदे पोखर को थोड़ा समय देने पर उसकी गंदगी नीचे बैठ जाती है और पानी फिर से निर्मल हो जाता है, ठीक उसी प्रकार जब हमारा मन अशांत हो, तो हमें धैर्य (ধৈৰ্য) रखना चाहिए। समय के साथ मन की अशांति अपने-आप शांत हो जाती है।
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| विश्राम | आराम | জিৰণি / আৰাম |
| वृक्ष | पेड़ | গছ |
| पोखर | छोटा तालाब | সৰু পুখুৰী |
| निर्मल | साफ / स्वच्छ | নিৰ্মল / পৰিষ্কাৰ |
| चित्त | मन / हृदय | মন / চিত্ত |
| मलीनता | गंदगी / मैल | লেতেৰা / মলিনতা |
| अनमोल | अमूल्य / बहुत कीमती | অমূল্য |
| स्रोत | उद्गम / जहाँ से पानी मिले | উৎস |
| पात्र | बर्तन | পাত্ৰ / বাচন |
(क) गौतम बुद्ध कहाँ जा रहे थे ?
उत्तर: गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ पैदल एक गाँव से दूसरे गाँव जा रहे थे।
(ख) बुद्ध ने अपने शिष्य से क्या कहा ?
उत्तर: बुद्ध ने अपने शिष्य से कहा— "बहुत प्यास लगी है, कहीं से थोड़ा जल ले आओ।"
(ग) शिष्य जल लाने के लिए कहाँ गया ?
उत्तर: शिष्य जल लाने के लिए पास के एक छोटे-से पोखर (तालाब) के पास गया।
(ঘ) पोखर का जल गंदा क्यों हो गया ?
उत्तर: पोखर में पानी पी रहा एक बैल शिष्य को देखकर डर गया और जल में से होकर भागा, जिसके पैरों से कीचड़ उठकर पानी गंदा हो गया।
(ङ) अंत में बुद्ध ने शिष्य से क्या कहा ?
उत्तर: अंत में बुद्ध ने शिष्य से कहा— "जब भी तुम्हारा मन अशांत हो, तो उसे थोड़ा समय देना। मन की मलीनता और अशांति नीचे बैठ जाएगी और मन अपने-आप शांत हो जाएगा।"
(च) बुद्ध की अनमोल बातों का शिष्य पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर: बुद्ध की अनमोल और ज्ञानवर्धक बातें सुनकर शिष्य का चित्त अत्यंत प्रसन्न हो गया और उसे धैर्य का जीवनोपयोगी पाठ मिला।
| सवारी का साधन | सवारी का प्रकार |
|---|---|
| बस (Bus) | टिकट लगेगा |
| रिक्शा (Rickshaw) | पैसा लगेगा |
| साइकिल (Bicycle) | मुफ्त |
| माँ-पिताजी की गोदी | मुफ्त |
| बैलगाड़ी (Bullock Cart) | मुफ्त / पैसा |
| रेलगाड़ी (Train) | टिकट लगेगा |
(क) गौतम बुद्ध एक गाँव से दूसरे गाँव ...... जा रहे थे।
(अ) पैदल (आ) घोड़े पर (इ) हाथी से (ई) पालकी पर
उत्तर: (अ) पैदल
(ख) शिष्य पोखर की तरफ बढ़ा तो ...... डरकर जल से होता हुआ निकल भागा।
(अ) बकरी (आ) बैल (इ) सियार (ई) गाय
उत्तर: (आ) बैल
(ग) बुद्ध ने शिष्य से कहा, ...... लेकर ही लौटना।
(अ) फल (आ) जल (इ) दूध (ई) कपड़ा
उत्तर: (आ) जल
• प वर्ण ➔ 2 बार (पोखर, पी)
• ज वर्ण ➔ 4 बार (जल, जल, जल, जल)
• ब वर्ण ➔ 3 बार (बैल, बढ़ा, बैल)
• ग वर्ण ➔ 5 बार (गया, गंदा, गया, गाँव, गौतम)
• जन्म: ई.पू. 563 में वैशाख पूर्णिमा के दिन कपिलवस्तु (लुंबिनी) में हुआ था।
• बचपन का नाम: सिद्धार्थ।
• ज्ञान प्राप्ति व निर्वाण: वैशाख पूर्णिमा की पावन तिथि को ही उन्हें ज्ञान (बुद्धत्व) और महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ।
• वे बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे।