पाठ-10 : बाघ और बटोही (चित्रकथा)
कक्षा - 6 (Class 6) | आलोक भाग-1 (SCERT Assam)
कहानी का मुख्य संदेश (সাধুৰ সাৰাংশ):
এটা বৃদ্ধ বাঘে চিকাৰ কৰিব নোৱাৰি পুখুৰীৰ পাৰত পোৱা সোণৰ খাৰুডালৰ লোভ দেখুৱাই এজন বাটৰুৱাক (পথিক) ফান্দত পেলায়। বাটৰুৱাজনে প্ৰথমতে বাঘৰ কথা বিশ্বাস কৰা নাছিল যদিও সোণৰ লোভত অন্ধ হৈ নিজৰ বিবেক হেৰুৱাই পুখুৰীত নামিল। পুখুৰীৰ দলদপীয় বোকাত বাটৰুৱাজন সোমাই পৰাত বাঘটোৱে তাক বধ কৰি খাই পেলালে।
শিক্ষা: লোভেই পাপ, পাপেই মৃত্যু। কেতিয়াও দুষ্ট আৰু হিংস্ৰ স্বভাৱৰ লোকৰ মিছা প্ৰলোভনত ভোল গৈ নিজৰ বুদ্ধি-বিবেক বিসৰ্জন দিব নালাগে।
शब्दार्थ (শব্দাৰ্থ)
शब्दअर्थ (Hindi)অসমীয়া অৰ্থ
बटोहीराही / पथिकবাটৰুৱা / পথচাৰী
कंगनकंकण / हाथ का गहनाখাৰু / বালা
दलदलगहरा कीचड़ (दलदली जमीन)দ বোকা / পুতি হোৱা ঠাই
स्वर्णसोना / कंचनসোণ
लालचलोभলোভ
खतराजोखिम / संकटবিপদ / শংকা
सीखशिक्षा / उपदेशউপদেশ / শিক্ষা
झपट पड़नाहमला करना / कूदनाজঁপিয়াই পৰা / আক্ৰমণ কৰা
अभ्यास-माला (পাঠভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 2. प्रस्तुत चित्रकथा 'बाघ और बटोही' से हमें क्या सीख मिलती है ?
उत्तर: इस चित्रकथा से हमें यह सीख मिलती है कि लालच बहुत बुरी बला है। लालच में आकर कभी भी हिंसक और कपटी लोगों की चिकनी-चुपड़ी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। लोभ में मनुष्य अपना विवेक खो देता है और अंत में भारी संकट में फँस जाता है।
प्रश्न 3. संक्षेप में उत्तर लिखो:

(क) बूढ़े होने पर बाघ ने क्या तरकीब सोची ?
उत्तर: बूढ़े होने के कारण बाघ शिकार करने में असमर्थ था, इसलिए उसने दलदल वाले तालाब के किनारे सोने के कंगन का लालच दिखाकर राहगीरों को फँसाने की तरकीब सोची।


(ख) बाघ ने किसका लालच देकर बटोही को तालाब में फँसाया ?
उत्तर: बाघ ने सोने के कंगन का लालच देकर बटोही को तालाब में फँसाया।


(ग) बाघ की बातें सुनकर बटोही ने क्या किया ?
उत्तर: बाघ की मीठी और धर्म की बातें सुनकर बटोही सोने के लालच में पड़ गया, अपनी जान का खतरा भूल गया और कंगन लेने के लिए तालाब में उतर गया।


(ঘ) तालाब में उतरते ही बटोही का क्या हाल हुआ ?
उत्तर: तालाब में दो-चार कदम रखते ही बटोही गहरे दलदल (कीचड़) में बुरी तरह फँस गया और हिल भी न सका।


(ङ) आखिरकार बाघ ने बटोही का क्या हाल किया ?
उत्तर: दलदल में फँसे असहाय बटोही को देखकर बाघ धीरे-धीरे आगे बढ़ा, उस पर झपट पड़ा और उसे मारकर खा गया।

वाक्य बनाओ (বাক্য ৰচনা)

किताब : मैं प्रतिदिन अपनी हिंदी की किताब पढ़ता हूँ।

गाय : गाय एक सीधी और दूध देने वाली पालतू पशु है।

मकान : तालाब के किनारे उसका एक सुंदर पक्का मकान है।

कलम : मैं परीक्षा में अच्छी कलम से लिखता हूँ।

बहन : रीता अपनी छोटी बहन से बहुत प्यार करती है।

समानार्थी शब्द और संख्या ज्ञान
प्रश्न 7. समान अर्थवाले शब्दों (पर्यायवाची) का मिलान:
शब्दसमान अर्थवाला शब्द
(क) तालाबपोखर
(ख) आसमानगगन
(ग) लालचलोभ
(घ) स्वर्णसोना
(ङ) बटोहीपथिक
प्रश्न 8. संख्याओं को अक्षरों में लिखो:

• १४ ➔ चौदह (14)

• १५ ➔ पंद्रह (15)

• १६ ➔ सोलह (16)

• २१ ➔ इक्कीस (21)

• २७ ➔ सत्ताइस (27)

भाषा-अध्ययन (संयुक्त व्यंजन व कर्म कारक)
प्रश्न 5 (क). संयुक्त वर्णों से शब्द:

ष् + य = ष्य : मनुष्य, भविष्य, भाष्य

द् + ध = द्ध : बुद्ध, शुद्ध, युद्ध

च् + च = च्च : बच्चा, कच्चा, सच्चा

ष् + ट = ष्ट : कष्ट, नष्ट, स्पष्ट

प्रश्न 10. कर्म कारक 'को' परसर्ग के उदाहरण वाक्य:

• मोहन को बुलाओ।

• गाय को हरी घास खिलाओ।

• भूखे को भोजन और प्यासे को पानी दो।

• बच्चे को फल दो।

कहानी का अनमोल विचार:
"हाय! बड़ा मूर्ख हूँ जो लालच में पड़कर मैंने अपना विवेक त्याग दिया।"
— লোভৰ বশৱৰ্তী হৈ কেতিয়াও কোনো কাৰ্য কৰিব নালাগে।
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