• जन्म: 6 जून, 1890 को नगाँव जिले के राहा (रहा) में।
• माता-पिता: पिता डॉ. बुद्धेश्वर बरदलै तथा माता प्राणेश्वरी देवी।
• पदवी व उपाधि: असम के प्रथम मुख्यमंत्री, 'लोकप्रिय' और 1999 में मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित।
• प्रमुख योगदान: गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना (1948) तथा असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष (1938)।
• रचित ग्रंथ: 'श्रीरामचंद्र', 'बुद्धदेव', 'हजरत मुहम्मद', 'महात्मा गांधी' और 'अनासक्ति योग'।
• स्वर्गवास: 5 अगस्त, 1950।
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| परेशान | चिंतित / हैरान | ব্যতিব্যস্ত / চিন্তিত |
| हितैषी | भलाई चाहने वाला / शुभचिंतक | হিতাকাংক্ষী / মংগলকামী |
| मेधावी | प्रतिभाशाली / तेज बुद्धि वाला | মেধাৱী / চোকা বুদ্ধিৰ |
| स्वाधीनता | आज़ादी / स्वतंत्रता | স্বাধীনতা |
| कूद पड़ना | शामिल होना / भाग लेना | জঁপিয়াই পৰা / অংশ লোৱা |
| स्थापना | नींव डालना / शुरू करना | প্ৰতিষ্ঠা কৰা |
| मरणोपरांत | मृत्यु के बाद | মৃত্যুৰ পাছত |
| अध्यक्ष | सभापति / प्रमुख | সভাপতি / অধ্যক্ষ |
(क) पाठ में किस महान व्यक्ति का उल्लेख हुआ है ?
उत्तर: पाठ में असम के प्रथम मुख्यमंत्री लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै जी का उल्लेख हुआ है।
(ख) बरदलै जी की प्राथमिक शिक्षा कहाँ प्रारंभ हुई ?
उत्तर: बरदलै जी की प्राथमिक शिक्षा नगाँव जिले के राहा (रहा) में प्रारंभ हुई।
(ग) गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना कब हुई ?
उत्तर: गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना सन् 1948 में हुई।
(क) बरदलै जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर: बरदलै जी का जन्म 6 जून, 1890 को असम के नगाँव जिले के राहा (रहा) नामक स्थान पर हुआ था।
(ख) उनके माता-पिता के नाम लिखो।
उत्तर: उनके पिता का नाम डॉक्टर बुद्धेश्वर बरदलै और माता का नाम प्राणेश्वरी देवी था।
(ग) बरदलै जी द्वारा रचित किन्हीं दो ग्रंथों के नाम लिखो।
उत्तर: बरदलै जी द्वारा रचित दो प्रमुख ग्रंथ हैं— 'श्रीरामचंद्र' और 'महात्मा गांधी' (अन्य ग्रंथ: 'बुद्धदेव', 'हजरत मुहम्मद', 'अनासक्ति योग')।
(ঘ) असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की स्थापना कब हुई और इसके प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
उत्तर: असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की स्थापना 3 नवंबर, 1938 को गुवाहाटी में हुई थी और इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीनाथ बरदलै जी थे।
(ङ) बरदलै जी को भारत सरकार ने किस उपाधि से सम्मानित किया ?
उत्तर: बरदलै जी को भारत सरकार ने सन् 1999 में मरणोपरांत 'भारत रत्न' की सर्वोच्च उपाधि से सम्मानित किया।
• गाना गाने वाला ➔ गायक
• खेल खेलने वाला ➔ खिलाड़ी
• सेवा करने वाली ➔ सेविका
• वकालत करने वाला ➔ वकील
• हित चाहने वाला ➔ हितैषी
• लोगों में प्रिय ➔ लोकप्रिय
• ख : खरगोश
• द : दवा / दरवाजा
• फ : फल
• घ : घर
• ध : धरती / धनुष
• य : यमुना / यज्ञ
• छ : छाता
• प : पिता / पतंग
• व : वकील / वन
| वर्ण-मेल | उदाहरण शब्द | वर्ण-मेल | उदाहरण शब्द |
|---|---|---|---|
| क् + य = क्य | क्या, वाक्य | क् + क = क्क | पक्का, अक्ल |
| च् + छ = च्छ | अच्छा, मच्छर | च् + च = च्च | बच्चा, कच्चा |
| स् + त = स्त | पुस्तक, रास्ता | ट् + ट = ट्ट | खट्टा, छुट्टी |
| स् + थ = स्थ | स्थान, प्रस्थान | त् + त = त्त | उत्तर, सत्तर |
| ब् + द = ब्द | शब्द, अब्द | न् + न = न्न | गन्ना, पन्ना |
| ल् + ल = ल्ल | बिल्ली, दिल्ली | म् + म = म्म | सम्मान, सम्मानीय |
• क् + ष = क्ष : क्षमा, क्षत्रिय, रक्षा
• त् + र = त्र : पत्र, चित्र, मित्र
• ज् + ञ = ज्ञ : ज्ञान, ज्ञानी, प्रज्ञा
• श् + र = श्र : श्रम, श्री, विश्राम
• "लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै जी की मृत्यु असम और भारत के सार्वजनिक जीवन में कभी न पूरी होने वाली शून्यता है।" — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
• "बरदलै जी स्वराज आंदोलन के एक निर्भीक सेनानी और साहसी मुख्यमंत्री थे।" — पंडित जवाहरलाल नेहरू