এই পাঠটোত ধৰিত্ৰী মাতৃয়ে মৰমৰ ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকললৈ এখন চিঠিৰ মাধ্যমেৰে নিজৰ মনৰ বেদনা প্ৰকাশ কৰিছে। মানুহে গছ-গছনি কাটি, কল-কাৰখানা আৰু গাড়ীৰ ধোঁৱাৰে বায়ু আৰু নদীৰ পানী প্ৰদূষিত কৰি প্ৰকৃতিৰ ভাৰসাম্য নষ্ট কৰিছে। ধৰিত্ৰী আইৰ আশা— ভৱিষ্যতে নতুন প্ৰজন্মই বেছিকৈ গছপুলি ৰোপণ কৰি পৃথিৱীখনক পুনৰ সেউজীয়া আৰু সুন্দৰ কৰি তুলিব।
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| धरती | पृथ्वी / धरा | পৃথিৱী / ধৰিত্ৰী |
| नुकसान | हानि / क्षति | ক্ষতি / লোকচান |
| मकान | घर / गृह | ঘৰ / আৱাস |
| अनाज | अन्न / खाद्यान्न | খাদ্যশস্য |
| बर्ताव | व्यवहार | ব্যৱহাৰ / আচৰণ |
| गैर-जिम्मेदार | लापरवाह | দায়িত্বহীন |
| कृतघ्न | उपकार न मानने वाला | অকৃতজ্ঞ |
| संतुलन | बराबरी / साम्य अवस्था | ভাৰসাম্য |
| उम्मीद | आशा / भरोसा | আশা / ভৰসা |
| अनिष्ट | बुरा / अमंगल | অনিষ্ট / অমংগল |
1. "पेड़ लगाओ, धरती बचाओ। धरा को हरा बनाओ।"
2. "प्रदूषण हटाओ, पर्यावरण बचाओ।"
3. "धरती हमारी माँ है, पानी हमारा जीवन है, पेड़ हमारा मित्र है।"
| पहला शब्द | जोड़ा शब्द | पहला शब्द | जोड़ा शब्द |
|---|---|---|---|
| आस | पास (आस-पास) | पाला | पोसा (पाला-पोसा) |
| कल | कारखाना (कल-कारखाना) | पेड़ | पौधे (पेड़-पौधे) |
| हरा | भरा (हरा-भरा) | घर | द्वार (घर-द्वार) |
| काम | काज (काम-काज) | बाल | बच्चे (बाल-बच्चे) |
(क) यह पत्र किसने किसको लिखा है ?
उत्तर: यह पत्र धरती माता ने अपने प्यारे बच्चों को लिखा है।
(ख) धरती माता की उम्मीदें किस पर हैं ?
उत्तर: धरती माता की उम्मीदें प्यारे बच्चों (भावी पीढ़ी) पर हैं।
(ग) धरती माता ने वस्त्र के लिए हमें क्या दिया है ?
उत्तर: धरती माता ने वस्त्र बनाने के लिए हमें कपास (रूई) दी है।
(क) धरती माता ने मनुष्य को क्या-क्या दिया है ?
उत्तर: धरती माता ने माँ की तरह हमारा पालन-पोषण करते हुए हमें खाने के लिए अनाज और मीठे फल दिए हैं, मकान बनाने के लिए लकड़ी दी है तथा वस्त्रों के लिए कपास दी है।
(ख) लोग किस तरह धरती माता को नुकसान पहुँचा रहे हैं ?
उत्तर: लोग पेड़ों और जंगलों को काटकर, मोटरगाड़ियों के जहरीले धुएँ से हवा को प्रदूषित करके तथा कल-कारखानों का गंदा और जहरीला पानी नदियों में बहाकर धरती माता को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं।
(ग) पेड़-पौधे उगाने से क्या होता है ?
उत्तर: पेड़-पौधे लगाने से वातावरण की हवा शुद्ध रहती है, समय पर पर्याप्त वर्षा होती है, फसलें अच्छी होती हैं और चारों ओर हरियाली तथा खुशहाली आती है।
(ঘ) संतुलन बिगड़ जाने से हमारे भू-भाग पर क्या असर पड़ेगा ?
उत्तर: यदि प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया, तो वर्षा नहीं होगी, सूखा पड़ेगा और उपजाऊ भूमि धीरे-धीरे एक भयानक और सूखे रेगिस्तान में बदल जाएगी।
• ऋ (ृ) वाले शब्द: कृपा, ऋतु, ऋषि, कृषक
• अं (ं) वाले शब्द: जंगल, पतंग, गंदा, रंग
• अः (:) वाले शब्द: अतः, पुनः, प्रातः, दुःख
(i) राम ने रावण को मारा।
(ii) बालक छत से गिर पड़ा।
(iii) कलम से लिखो।
(iv) प्यासे को पानी दो।
(v) रोहन को बुलाओ।
(vi) रीमा घर से निकली।
(क) गोपाल अच्छा लड़का है, लेकिन अब्दुल बुरा लड़का है।
(ख) नेहा लंबी है, लेकिन उसकी बहन नाटी है।
(ग) कुणाल सुंदर है, लेकिन उसका भाई असुंदर है।
(ঘ) नदी का पानी गंदा है, पर नल का पानी साफ है।
• रु (ह्रस्व 'उ'): रुपया, गुरु, रुकना, रुचि
• रू (दीर्घ 'ऊ'): रूप, रूमाल, अमरूद, रूठना
"हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए और पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए।"