• जन्म: सन् 1904 ई., प्रयाग (उत्तर प्रदेश)
• प्रमुख काव्य संग्रह: 'मुकुल' और 'त्रिधारा'
• प्रसिद्ध कविता: 'झाँसी की रानी' (बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी...)
• विशेषता: देशभक्ति, वीर रस और वात्सल्य (मातृत्व) प्रेम का सुंदर समन्वय
• निधन: सन् 1948 ई.
| शब्द | अर्थ (Hindi) | অসমীয়া অৰ্থ |
|---|---|---|
| निर्भय | भयरहित / निडर | নিৰ্ভয় / ভয়হীন |
| स्वच्छंद | आज़ाद / स्वतंत्र | স্বচ্ছিন্দ / মুক্ত |
| अतुलित | असीम / जिसकी तुलना न हो | তুলনাহীন / অপৰিসীম |
| मचलना | ज़िद करना / हठ करना | আমনি কৰা / জেদ ধৰা |
| निर्मल | पवित्र / साफ़-सुथरा | নিৰ্মল / পবিত্ৰ |
| व्यथा | दुःख / पीड़ा / कष्ट | দুখ / বেদনা |
| विश्रांति | आराम / शांति | বিৰতি / জিৰণি / শান্তি |
| निष्पाप | पापरहित / छल-कपट रहित | নিষ্পাপ / নিৰ্দোষী |
| संताप | मानसिक दुःख / जलन | মনৰ বেজাৰ / সন্তাপ |
| नंदन-वन | इंद्र का सुंदर बगीचा / स्वर्ग का वन | দেৱৰাজ ইন্দ্ৰৰ উপবন |
| मंजुल | सुंदर / मनोहर | মনোৰম / ধুনীয়া |
| प्रफुल्लित | अत्यंत प्रसन्न / खिला हुआ | আনন্দিত / উৎফুল্লিত |
(क) बचपन में ऐसी कौन-सी विशेषता होती है, जिसकी बार-बार याद आती है ?
उत्तर: बचपन का जीवन चिंतामुक्त, निर्भय और स्वच्छंद होता है। इसमें छल-कपट और ईर्ष्या का कोई स्थान नहीं होता। रोना, मचलना और माँ का प्यार से गोद में उठा लेना—यह अतुलित आनंद और निश्चल प्रेम ही ऐसी विशेषता है, जिसकी बार-बार याद आती है।
(ख) कवयित्री क्यों चाहती हैं कि उनका बचपन फिर से लौट आए ?
उत्तर: बड़े होने पर जीवन सांसारिक चिंताओं, दुःखों और मानसिक संताप से भर जाता है। कवयित्री अपने मन की व्यथा मिटाने, भोली सरलता और स्वाभाविक शांति पाने के लिए चाहती हैं कि उनका बचपन फिर से लौट आए।
(ग) 'वह प्यारा जीवन निष्पाप' का अर्थ स्पष्ट करो।
उत्तर: 'वह प्यारा जीवन निष्पाप' का अर्थ है कि बचपन का जीवन हर प्रकार के पाप, कपट, लोभ और द्वेष की भावनाओं से मुक्त तथा पूरी तरह पवित्र और निर्मल होता है।
(ঘ) 'मेरा नया बचपन' कविता के प्रतिपाद्य को स्पष्ट करो।
उत्तर: इस कविता का मुख्य प्रतिपाद्य यह है कि बचपन जीवन का सबसे सुखद काल होता है। जब कवयित्री अपने खोए हुए बचपन को याद कर दुखी हो रही थीं, तभी उनकी नन्ही बेटी के रूप में उनका बचपन फिर से लौट आया। अपनी संतान की बाल-सुलभ क्रीड़ाओं में शामिल होकर कोई भी व्यक्ति पुनः बच्ची/बच्चा बनकर वही आनंद प्राप्त कर सकता है।
(क) "बार-बार आती है मुझको, मधुर याद बचपन तेरी।
गया ले गया तू जीवन की, सबसे मस्त खुशी मेरी।"
आशय: कवयित्री अपने बचपन को याद करते हुए भावुक होकर कहती हैं कि बड़े होने पर बचपन की मधुर स्मृतियाँ बार-बार मन में आती हैं। बचपन के बीतने के साथ ही जीवन की सबसे सच्ची, बेपरवाह और मस्त खुशियाँ भी समाप्त हो गईं और अब केवल यादें ही शेष रह गई हैं।
(ख) "मैं बचपन को बुला रही थी, बोल उठी बिटिया मेरी,
नंदन-वन-सी फूल उठी, यह छोटी-सी कुटिया मेरी।"
आशय: जब कवयित्री अपने खोए हुए बचपन को पुकार रही थीं, तभी उनकी नन्ही बेटी तुतलाती हुई बोल पड़ी। बेटी की प्यारी आवाज और भोली मुस्कान से कवयित्री का साधारण सा घर (कुटिया) इंद्र के दिव्य उपवन (नंदन-वन) के समान खुशियों से खिल उठा।
(क) कवयित्री को बार-बार बचपन की याद आती है, क्योंकि—
(अ) माँ बहुत प्यार करती थीं (आ) बचपन अतुलित आनंद का भंडार होता है (इ) कोई काम नहीं करना पड़ता
उत्तर: (आ) बचपन अतुलित आनंद का भंडार होता है
(ख) बड़े-बड़े मोती से आँसू—
(अ) झूला झूलाते थे (आ) जयमाला पहनाते थे (इ) आनंद दिलाते थे
उत्तर: (आ) जयमाला पहनाते थे
(ग) बचपन में रोने पर कवयित्री की माँ—
(अ) उन्हें गोद में उठाकर खूब प्यार करती थीं (आ) बिल्ली से डराती थीं (इ) पिटाई करती थीं
उत्तर: (अ) उन्हें गोद में उठाकर खूब प्यार करती थीं
(घ) कवयित्री की बिटिया उन्हें क्या खिलाने आई थी ?
(अ) मिठाई (आ) चॉकलेट (इ) मिट्टी
उत्तर: (इ) मिट्टी
(क) जिसे खोजती थी बरसों से, अब जाकर उसको पाया,
भाग गया था मुझे छोड़कर, वह बचपन फिर से आया।
(ख) आ जा बचपन ! एक बार फिर, दे दे अपनी निर्मल शांति,
व्याकुल व्यथा मिटाने वाली, वह अपनी प्राकृत विश्रांति।
(क) 'मेरा नया बचपन' कविता की रचयिता कौन हैं ?
उत्तर: 'मेरा नया बचपन' कविता की रचयिता सुभद्रा कुमारी चौहान हैं।
(ख) कवयित्री किसे बुला रही थीं ?
उत्तर: कवयित्री अपने बचपन को बुला रही थीं।
(ग) कवयित्री को नया जीवन किस रूप में प्राप्त हुआ ?
उत्तर: कवयित्री को अपनी बेटी के बचपन के रूप में नया जीवन प्राप्त हुआ।
(ঘ) कवयित्री को मिट्टी खिलाने कौन आई थी ?
उत्तर: कवयित्री को मिट्टी खिलाने उनकी नन्ही बिटिया (बेटी) आई थी।
(ङ) अपनी बिटिया की किस बात से कवयित्री बहुत खुश हुईं ?
उत्तर: बिटिया द्वारा तुतलाते हुए प्यार से "माँ खाओ" कहने और उसके निष्कपट बाल-सुलभ व्यवहार से कवयित्री बहुत खुश हुईं।
(च) कवयित्री के पास बचपन क्या बनकर आया ?
उत्तर: कवयित्री के पास बचपन उनकी बेटी बनकर आया।
(छ) किसकी मंजुल मूर्ति देखकर कवयित्री में नव-जीवन जाग उठा ?
उत्तर: अपनी बिटिया की सुंदर व मंजुल मूर्ति देखकर कवयित्री में नव-जीवन जाग उठा।
| शब्द | पर्यायवाची शब्द 1 | पर्यायवाची शब्द 2 |
|---|---|---|
| मधुर | मीठा | रसीला / सुहावना |
| खुशी | प्रसन्नता | हर्ष / आनंद |
| निर्मल | स्वच्छ | पवित्र / साफ़ |
| माँ | माता | जननी / अंबा |
| मंजुल | सुंदर | मनोहर / प्यारा |
| सरलता | सादगी | सीधापन / भोलापन |