पाठ-11 : भारत की भाषिक एकता
कक्षा - 8 (Class 8) | आलोक भाग-3 (SCERT Assam)
मुख्य बिंदु (মনত ৰাখিবলগীয়া কথা):
संविधान की 8वीं अनुसूची: भारतीय संविधान ने 22 भाषाओं को आधिकारिक मान्यता दी है (जैसे— असमीया, बोड़ो, बांग्ला, हिंदी आदि)।
संस्कृत: भारत की अधिकांश आधुनिक भाषाओं की जननी है।
राजभाषा: 14 सितंबर 1949 को देवनागरी लिपि में लिखित 'हिन्दी' को भारत की राजभाषा का दर्जा दिया गया।
लिपियों की जननी: भारत की अधिकांश लिपियाँ प्राचीन ब्राह्मी लिपि से विकसित हुई हैं।
शब्दार्थ (শব্দাৰ্থ)
शब्दअर्थ (Hindi)অসমীয়া অৰ্থ
फुलवारीफूलों का बगीचाফুলনি / বাগিচা
सामासिकसमन्वित / मिली-जुलीসংমিশ্ৰিত / সমন্বিত
परिपुष्टिविकास के लिए पोषण / पुष्टिপুষ্টিসাধন / বিকাশ
आगत शब्ददूसरी भाषाओं से आए शब्दআন ভাষাৰ পৰা অহা শব্দ
संवादआपसी बातचीतকথোপকথন / বার্তালাপ
राजभाषासरकारी कामकाज की भाषाচৰকাৰী ভাষা
पारिभाषिक शब्दावलीविशिष्ट विषयों के निश्चित शब्दপৰিভাষা / সংজ্ঞাবদ্ধ শব্দ
गृहभाषाघर में बोली जाने वाली भाषाঘৰুৱা ভাষা
संकटग्रस्त भाषाजिस भाषा के लुप्त होने का डर होবিলুপ্তিৰ সংকটত থকা ভাষা
साम्यसमानता / एकरूपताমিল / সাদৃশ্য
पाठ से (পাঠভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ)
प्रश्न 1. पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) संसार का सबसे पहला ग्रंथ कौन-सा है ?
उत्तर: संसार का सबसे पहला ग्रंथ 'वेद' (ऋग्वेद) है, जो संस्कृत भाषा में रचित है।


(ख) कालिदास ने किस भाषा में रचना की थी ?
उत्तर: महाकवि कालिदास ने संस्कृत भाषा में रचना की थी।


(ग) आर्य मूल की भाषाओं और अनार्य मूल की भाषाओं के दो-दो उदाहरण प्रस्तुत करो।
उत्तर:

  • आर्य मूल की भाषाएँ: हिंदी, असमीया (अथवा बांग्ला, मराठी)।
  • अनार्य मूल (द्रविड़ / तिब्बत-बर्मी) की भाषाएँ: तमिल, तेलुगु (अथवा बोड़ो, गारो)।

(ঘ) किन तत्वों के कारण भारतीय भाषाओं में एकता का भाव परिलक्षित होता है ?
उत्तर: भारतीय भाषाओं में एकता के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:

  1. अधिकांश भारतीय भाषाओं का उद्भव संस्कृत भाषा से हुआ है, जिससे उनका शब्दभंडार और व्याकरण समान है।
  2. रामायण, महाभारत और पंचतंत्र जैसी महान रचनाएँ सभी प्रांतीय भाषाओं में अनूदित होकर समान भाव जगाती हैं।
  3. अरबी, फारसी और अंग्रेजी के अनेक आगत शब्द सभी भाषाओं में समान रूप से अपनाए गए हैं।
  4. अधिकांश भारतीय लिपियों की उत्पत्ति प्राचीन ब्राह्मी लिपि से हुई है।
  5. हिन्दी भाषा पूरे देश में संपर्क भाषा के रूप में सभी राज्यों को आपस में जोड़ती है।

(ङ) हिंदी भाषा की लिपि को क्या कहते हैं ? इस लिपि का विकास किस प्राचीन लिपि से माना जाता है ?
उत्तर: हिंदी भाषा की लिपि को 'देवनागरी' कहते हैं। इस लिपि का विकास प्राचीन 'ब्राह्मी लिपि' से माना जाता है।


(च) हिंदी में सामान्यतः व्यवहार होते रहने वाले कुछ अंग्रेजी और अरबी-फारसी शब्दों के उदाहरण दो।
उत्तर:

  • अंग्रेजी शब्द: स्कूल, स्टेशन, डॉक्टर, पेन, साइकिल, बस, रेलगाड़ी।
  • अरबी-फारसी शब्द: किताब, कलम, कागज़, चश्मा, दुनिया, बाज़ार, दुकान।

(छ) आधुनिक भारतीय भाषाओं में सबसे पहले किस भाषा में रामायण का अनुवाद हुआ था ? बाद में किन-किन भाषाओं में रामायण का अनुवाद हुआ और उनके अनुवादक कौन-कौन थे ?
उत्तर:

  • आधुनिक भारतीय भाषाओं में सबसे पहले तमिल भाषा में महर्षि कंबन द्वारा रामायण का अनुवाद हुआ।
  • अन्य प्रमुख अनुवादक और भाषाएँ:
    • असमीया: महाकवि माधव कन्दलि (सप्तकांड रामायण)
    • अवधी (हिंदी): गोस्वामी तुलसीदास (रामचरितमानस)
    • बांग्ला: कृत्तिवास ओझा (कृत्तिवासी रामायण)
    • ओड़िया: बलराम दास (दांडी रामायण)

(ज) तद्भव शब्दों के तत्सम रूप लिखो:

तद्भव शब्दतत्सम रूपतद्भव शब्दतत्सम रूप
पितापितृहाथहस्त
मातामातृपाँवपद / पाद
भाईभ्रातामोरमयूर
घरगृह--
भाषा-अध्ययन (वाक्य रूपांतरण)
प्रश्न 2. नीचे लिखे वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित करो:

1. जो लोग परिश्रम करते हैं उन्हें अधिक समय तक निराश नहीं होना पड़ता। (सरल वाक्य में)
परिश्रमी लोगों को अधिक समय तक निराश नहीं होना पड़ता।


2. मैंने एक दुबला-पतला व्यक्ति देखा। (मिश्र वाक्य में)
मैंने एक व्यक्ति देखा, जो दुबला-पतला था।


3. वह खाना खाकर सो गया। (संयुक्त वाक्य में)
उसने खाना खाया और सो गया।


4. जिनकी आय कम है, उन्हें मितव्ययी होना चाहिए। (सरल वाक्य में)
कम आय वाले लोगों को मितव्ययी होना चाहिए।


5. मेरे घर पहुँचने पर पिताजी आए। (मिश्र वाक्य में)
जब मैं घर पहुँचा, तब पिताजी आए।


6. बालिका गा और नाच रही है। (सरल वाक्य में)
बालिका नाचते हुए गा रही है। (अथवा: बालिका नाच-गा रही है।)

असम और पूर्वोत्तर की संपर्क भाषाएँ:
• नागालैंड में विभिन्न जनजातियों के बीच आपसी संपर्क के लिए असमीया और नागा भाषाओं के मेल से बनी 'नागामीज' (Nagamese) बोली जाती है।
• अरुणाचल प्रदेश में पारस्परिक आदान-प्रदान के लिए 'नेफामीज' (Nefamese) तथा हिन्दी का प्रयोग किया जाता है।
Scroll to Top