पाठ-13 : भगतिन मौसी
सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर
कविता का सार
कविता में एक बिल्ली राम-नाम लिखा शाल ओढ़कर और तुलसी-माला पहनकर स्वयं को भगतिन बताती है। वह बिल में छिपे बूढ़े चूहे को तीर्थयात्रा के बहाने बाहर बुलाना चाहती है, लेकिन चूहा उसकी चाल समझ जाता है। वह व्यंग्य से कहता है कि बिल्ली सौ चूहे खाकर हज को निकली है। कविता हमें बाहरी दिखावे से सावधान रहने और किसी पर आँख बंद करके विश्वास न करने की सीख देती है।
🌸 पाठ से
1. संक्षेप में उत्तर दो
(क) बिल्ली ने राम नाम का शाल क्यों ओढ़ा था?
उत्तरबिल्ली ने स्वयं को सच्ची भगतिन दिखाकर चूहों का विश्वास जीतने के लिए राम-नाम का शाल ओढ़ा था।
(ख) बिल्ली के बुलाने पर भी बूढ़ा चूहा पास क्यों नहीं आया?
उत्तरबूढ़ा चूहा बिल्ली की चाल और झूठी भक्ति को समझ गया था, इसलिए वह पास नहीं आया।
(ग) क्या बिल्ली सचमुच तीर्थयात्रा पर जाने वाली थी? भगतिन बनने के पीछे उसका अभिप्राय क्या था?
उत्तरनहीं, बिल्ली सचमुच तीर्थयात्रा पर नहीं जा रही थी। भगतिन बनकर वह चूहों को बाहर बुलाना और उन्हें अपना शिकार बनाना चाहती थी।
(घ) “चली न उसकी चाल” में किसकी कौन-सी चाल की बात है?
उत्तरयहाँ बिल्ली की साधु बनकर चूहे को धोखे से बाहर बुलाने की चाल की बात है। बुद्धिमान चूहा उस चाल में नहीं फँसा।
(ङ) इस कविता से हमें कौन-सी सीख मिलती है?
उत्तरहमें बाहरी वेश देखकर किसी पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। समझदारी से सच्चाई पहचाननी और धोखेबाज लोगों से सावधान रहना चाहिए।
🐒 पाठ के आस-पास
1(क). बिल्ली की चतुराई पर कोई कविता या कहानी सुनाओ।
बंदर का न्याय
दो बिल्लियों को एक रोटी मिली। बाँटने को लेकर दोनों झगड़ने लगीं। एक बंदर न्याय करने आया। वह तराजू के दोनों पलड़ों में रोटी रखकर बराबर करने के बहाने हर बार बड़े टुकड़े से थोड़ा-थोड़ा खाता गया। अंत में सारी रोटी बंदर खा गया और बिल्लियाँ देखती रह गईं। इससे सीख मिलती है कि आपसी झगड़े का लाभ तीसरा व्यक्ति उठा सकता है।
1(ख). ढोंगी साधुओं से कैसी सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तरअजनबी के वेश या मीठी बातों पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्हें धन, गहने, बैंक की जानकारी या निजी विवरण न दें। कोई संदेह हो तो माता-पिता, शिक्षक या पुलिस से सहायता लें और अकेले कहीं न जाएँ।
1(ग). बिल्लियों के साथ बंदर की चतुराई की कहानी।
उत्तरदो बिल्लियाँ रोटी बाँटने के लिए बंदर के पास गईं। बंदर ने तराजू से बराबर करने का बहाना किया और दोनों टुकड़ों को थोड़ा-थोड़ा खाते हुए सारी रोटी समाप्त कर दी। इस तरह बिल्लियों के झगड़े का लाभ बंदर ने उठाया।
2. चित्रों के नाम लिखो और वाक्य पूरे करो।
| (क) यह गौरैया का घोंसला है। |
| (ख) यह मधुमक्खियों का छत्ता है। |
| (ग) यह शेर की गुफा है। |
| (घ) यह चूहे का बिल है। |
💬 कहावत एवं मुहावरे
| कहावत/मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| मुँह में राम, बगल में छुरी | मित्रता का दिखावा करके मन में शत्रुता रखना |
| खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे | काम न बनने पर व्यर्थ क्रोध करना |
| चाल चलना | धोखा देने का प्रयत्न करना |
| दाल न गलना | वश या चाल न चलना |
| सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली | पाप करने के बाद पुण्य का दिखावा करना |
✍️ भाषा-अध्ययन
1. दिए गए वाक्यांशों के अर्थ।
मुँह में राम बगल में छुरी, खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे, चाल चलना, दाल न गलना तथा सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली - इनके अर्थ ऊपर की तालिका में दिए गए हैं।
2. वाक्यों का काल-निर्धारण करो।
| वाक्य | काल |
|---|---|
| बिल्ली ने राम नाम का शाल ओढ़ा। | भूतकाल |
| मैं तीर्थ-धाम करने जाऊँगी। | भविष्यत् काल |
| मौसी के चरण छुऊँगी। | भविष्यत् काल |
| मैं भगतिन बन गई हूँ। | वर्तमान काल |
3. विलोम शब्द लिखो।
| पास - दूर | बूढ़ा - जवान |
| आज - कल | दिन - रात |
| अंदर - बाहर | विश्वास - अविश्वास |
4. वाक्यों से विशेषण छाँटो।
- राजीव, एक अच्छी कलम दो।
- नहीं, नहीं, नीली कलम खराब है।
- लाल कलम ही दो।
- रूपम स्वस्थ लड़का है।
- वह पढ़ाई में भी तेज है।
5. दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो।
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| चरण | पाँव, पग |
| वृद्ध | बूढ़ा, बुजुर्ग |
| हरि | ईश्वर, भगवान |
| साँप | सर्प, नाग |
📚 शब्दार्थ
| भगतिन - भगवान की भक्ति करने वाली | छूना - स्पर्श करना |
| ओढ़ना - कपड़े से शरीर ढकना | बिल - चूहों के रहने का स्थान |
| माल - माला | खंभा नोचना - खंभे पर नाखून मारना |
| तीर्थ धाम - तीर्थस्थान | दाल न गलना - वश न चलना |
| चरण - पैर या पाँव | कंठी - छोटी गुरुओं की माला |
| सार - सारांश | मौसी - बिल्ली के लिए संबोधन |