पाठ 10 - स्वाधीनता संग्राम में पूर्वोत्तर की वीरांगनाएँ
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पाठ-10 : स्वाधीनता संग्राम में पूर्वोत्तर की वीरांगनाएँ

सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर

पाठ का सार

इस पाठ में शिक्षक विद्यार्थियों को भारत के स्वाधीनता संग्राम में पूर्वोत्तर की वीर महिलाओं के योगदान के बारे में बताते हैं। असम की कनकलता बरुआ ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में तिरंगा फहराने का प्रयास करते हुए बलिदान दिया। मणिपुर की रानी गाइदिन्ल्यू, मिजोरम की रोपुइलियानी और सिक्किम की हेलन लेपचा ने भी अंग्रेजी शासन का साहसपूर्वक विरोध किया। पाठ देशप्रेम, त्याग, साहस और नारी-शक्ति की प्रेरणा देता है।

🌸 पाठ से

1. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो

(क) स्वाधीनता दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तरस्वाधीनता दिवस प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है।

(ख) स्वाधीनता से पहले हमारे देश का नियंत्रण किनके हाथों में था?

उत्तरस्वाधीनता से पहले हमारे देश का नियंत्रण अंग्रेजी सरकार के हाथों में था।

(ग) ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में असम की कौन-सी बालिका शहीद हुई और वह कहाँ की थी?

उत्तरभारत छोड़ो आंदोलन में कनकलता बरुआ शहीद हुई थीं। वे असम के गोहपुर क्षेत्र की रहने वाली थीं।

(घ) स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था?

उत्तरभारतीय स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।

(ङ) हेलन लेपचा किस नाम से जानी जाती थीं?

उत्तरहेलन लेपचा ‘सावित्री देवी’ के नाम से भी जानी जाती थीं।

2. सही अथवा गलत का निशान लगाओ

कथनउत्तर
देशवासियों ने मिलकर अंग्रेजों के विरोध में आवाज उठाई।✓ सही
स्वाधीनता की लड़ाई पूर्वोत्तर भारत में नहीं लड़ी गई।✗ गलत
वर्तमान पूर्वोत्तर भारत में कुल आठ राज्य हैं।✓ सही
रानी गाइदिन्ल्यू असम की वीरांगना थीं।✗ गलत - वे मणिपुर की थीं।
स्वाधीनता के लिए लड़ने वाले यश के बारे में नहीं सोचते।✓ सही

3. संक्षिप्त उत्तर लिखो

(क) दोपहर के विराम में कक्षा के भीतर क्या चल रहा था?

उत्तरदोपहर के विराम में तेजपुर के शैक्षिक भ्रमण से लौटे विद्यार्थी कनकलता की मूर्ति और उनके बलिदान के बारे में बातचीत कर रहे थे।

(ख) असम की किन्हीं पाँच वीरांगनाओं के नाम बताओ।

उत्तरकनकलता बरुआ, भोगेश्वरी फुकननी, अमलप्रभा दास, पुष्पलता दास और चंद्रप्रभा साइकियानी।

(ग) असम से भिन्न पूर्वोत्तर भारत की तीन वीरांगनाओं के नाम और संग्राम-क्षेत्र बताओ।

उत्तररानी गाइदिन्ल्यू - मणिपुर; अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन। रोपुइलियानी - मिजोरम; अंग्रेजी शासन का खुला विरोध। हेलन लेपचा - सिक्किम; राष्ट्रीय आंदोलन और देशसेवा।

(घ) कनकलता किस प्रकार देश की स्वाधीनता के लिए शहीद हुई थीं?

उत्तर1942 में गोहपुर थाने पर तिरंगा फहराने के लिए निकले जुलूस का नेतृत्व कनकलता कर रही थीं। पुलिस की रोक के बावजूद वे आगे बढ़ीं और गोली लगने से शहीद हो गईं।

🏫 पाठ के आस-पास

1(क). विद्यालय में स्वाधीनता दिवस कैसे मनाया जाता है?

नमूना उत्तरविद्यालय में प्रार्थना सभा, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, देशभक्ति गीत, भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देकर स्वाधीनता दिवस मनाया जाता है।

1(ख). स्वाधीनता दिवस के अवसर पर क्या-क्या करते हो?

कार्यक्रमहमारी भागीदारी
ध्वजारोहणसम्मानपूर्वक उपस्थित रहते हैं
राष्ट्रगानसभी मिलकर गाते हैं
देशभक्ति गीत/नृत्यअभ्यास करके प्रस्तुति देते हैं
भाषणस्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण करते हैं
स्वच्छता अभियानविद्यालय परिसर साफ करते हैं

1(ग). अपने अंचल के स्वाधीनता सेनानियों की तालिका भरो।

महिलापुरुष
कनकलता बरुआकुशल कोंवर
भोगेश्वरी फुकननीमणिराम दीवान
पुष्पलता दासपियली बरुआ
चंद्रप्रभा साइकियानीगोपीनाथ बरदलै

विद्यार्थी अपने जिले के स्थानीय सेनानियों के नाम शिक्षक की सहायता से जोड़ सकते हैं।

1(घ). 1857 और 1942 के आंदोलनों के दो-दो सेनानियों के नाम लिखो।

उत्तर1857: मंगल पांडे और रानी लक्ष्मीबाई। 1942: कनकलता बरुआ और भोगेश्वरी फुकननी।

2. अंग्रेजी शासन से मुक्ति के लिए जनता को क्या-क्या करना पड़ा?

उत्तरजनता ने सत्याग्रह, असहयोग, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, जुलूस, प्रदर्शन और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। अनेक लोगों ने जेल, यातना और आर्थिक कठिनाई सहन की तथा कई वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।

✍️ भाषा-अध्ययन

1(क). विशेषण शब्दों से वाक्य बनाओ।

  • साहसी: कनकलता एक साहसी बालिका थीं।
  • स्वाभिमानी: स्वाभिमानी व्यक्ति अन्याय नहीं सहता।
  • ओजस्वी: नेता ने ओजस्वी भाषण दिया।
  • प्यारा: हमारा तिरंगा हमें बहुत प्यारा है।
  • अनेक: आंदोलन में अनेक लोगों ने भाग लिया।

1(ख). लिंग और वचन के अनुसार विशेषण के उदाहरण।

रूपउदाहरण
स्त्रीलिंग एकवचननेहा छोटी लड़की है।
पुल्लिंग एकवचनअरूप छोटा लड़का है।
पुल्लिंग बहुवचनतीन छोटे लड़के जा रहे हैं।

1(ग). सही विशेषण चुनकर वाक्य पूरे करो।

  1. वह बच्चा कितना प्यारा है।
  2. उसका परिवार बड़ा है।
  3. कक्षा में अनेक अच्छे लड़के हैं।
  4. किसी को बुरी नजर से मत देखो।

2. ‘ने’ चिह्न का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाओ।

  1. रमेश ने पुस्तक पढ़ी।
  2. सीमा ने भोजन बनाया।
  3. कनकलता ने तिरंगा उठाया।
  4. विद्यार्थियों ने गीत गाया।
  5. शिक्षक ने पाठ समझाया।

‘ने’ का प्रयोग भूतकाल में सकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ होता है। वर्तमान और भविष्यत् काल में इसका प्रयोग नहीं होता।

⭐ योग्यता-विस्तार

1. पूर्वोत्तर की वीरांगनाओं पर चर्चा।

सुझावसमूह बनाकर प्रत्येक समूह एक वीरांगना का जन्मस्थान, संघर्ष, योगदान और प्रेरक संदेश लिखे। फिर चित्र या चार्ट की सहायता से कक्षा में प्रस्तुत करे।

2. गोपीनाथ बरदलै और तरुणराम फुकन के बारे में जानकारी।

उत्तरलोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै असम के प्रथम मुख्यमंत्री और प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने असम के हितों और जनजातीय क्षेत्रों की रक्षा में योगदान दिया। देशभक्त तरुणराम फुकन असम के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, वक्ता और असहयोग आंदोलन के नेता थे।

3. अंतरिक्ष यात्रा में भारतीय नारियों का योगदान।

उत्तरकल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं। सुनीता विलियम्स ने लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहकर वैज्ञानिक कार्य किए। उनके साहस और उपलब्धियों ने भारतीय विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं, को विज्ञान और अंतरिक्ष-अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

परियोजना: मला गाम्भर अथवा सती जयमती।

सुझावकिसी एक वीर महिला का चित्र, संक्षिप्त जीवन-परिचय, प्रमुख संघर्ष, कार्य और प्रेरक संदेश एक चार्ट पर लिखकर प्रस्तुत करें।

📚 शब्दार्थ

आजाद - स्वाधीन या स्वतंत्रगिरफ्तार - कैद
शहीद - मातृभूमि के लिए प्राण देने वालामुलाकात - भेंट
जुलूस - पंक्ति में लोगों का आगे बढ़नाहुकूमत - शासन
धुन - लगनकबूल - स्वीकार
अवदान - योगदानपूर्वोत्तर - भारत का उत्तर-पूर्वी भाग
वीरांगना - वीर महिलाखिलाफ - विरुद्ध
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