पाठ 9 - सुमन एक उपवन के | सरल प्रश्न-उत्तर
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पाठ-9 : सुमन एक उपवन के

सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर

कविता का सार

कवि भारत के सभी लोगों को एक ही बगीचे के अलग-अलग रंगों और रूपों वाले फूल मानते हैं। हम सब एक धरती पर जन्मे हैं और हमें एक ही सूर्य, जल, वायु, चाँदनी तथा आकाश मिला है। हमारी भाषा, वेशभूषा और संस्कृति अलग हो सकती है, लेकिन मिलकर ही हम देश की सुंदरता बढ़ाते हैं। कविता अनेकता में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है।

🌸 पाठ से

1. संक्षेप में उत्तर दो

(क) कविता में ‘सुमन’ और ‘उपवन’ किन्हें कहा गया है?

उत्तरदेश के सभी लोगों को ‘सुमन’ और भारत देश को ‘उपवन’ कहा गया है।

(ख) फूलों की कलियाँ किससे खिलती हैं?

उत्तरफूलों की कलियाँ सूर्य की किरणों से खिलती हैं।

(ग) भ्रमरों के गुंजन कैसे लगते हैं?

उत्तरभ्रमरों के गुंजन मीठे और मधुर लगते हैं।

(घ) कवि के अनुसार हमारा माली कौन है?

उत्तरकवि के अनुसार परमात्मा हमारा माली है, जो हम सबकी रक्षा करता है।

(ङ) चाँदनी किसको नहलाती है?

उत्तरएक ही चाँद की चाँदनी हम सबको नहलाती है।

2. उत्तर लिखो

(क) कवि ने उपवन के फूलों को किन कारणों से समान कहा है?

उत्तरहम सब एक धरती पर जन्मे हैं। हमें एक ही सूर्य की धूप, एक ही जल, एक ही वायु, एक ही चाँदनी और एक ही आकाश मिला है। इसलिए कवि ने उपवन के फूलों को समान कहा है।

(ख) अलग-अलग रंगों के फूल उपवन की शोभा बढ़ाते हैं। उसी प्रकार भिन्न जाति-प्रजातियों के लोग देश की शोभा कैसे बढ़ाते हैं?

उत्तरभिन्न जाति-प्रजातियों के लोगों की भाषाएँ, पहनावे, नृत्य, गीत, भोजन और परंपराएँ अलग होती हैं। ये सब मिलकर देश की संस्कृति को समृद्ध और सुंदर बनाते हैं।

3. “संसार एक उपवन है और हम उसके फूल हैं।” इस संदर्भ में अपनी राय प्रस्तुत करो।

उत्तरसंसार एक बड़े बगीचे के समान है और सभी मनुष्य उसके फूल हैं। रंग, भाषा, जाति या धर्म अलग होने पर भी हम सब समान हैं। प्रेम, सहयोग और भाईचारे से रहकर ही हम संसार को सुंदर बना सकते हैं।

🤝 पाठ के आस-पास

1. ‘अनेकता में एकता’ के भाव वाली कोई कविता सुनाओ।

अलग-अलग हैं भाषा-बोली,
अलग-अलग पहनावा।
फिर भी अपना देश एक है,
भारत सबसे प्यारा।
मिल-जुलकर हम आगे बढ़ते,
यही हमारा नारा।

2. “भारत विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों वाला सुंदर देश है।” आशय स्पष्ट करो।

उत्तरभारत में अनेक भाषाएँ, धर्म, जातियाँ, पहनावे, भोजन, लोकगीत, नृत्य और त्योहार पाए जाते हैं। इतनी विविधता के बावजूद सभी भारतीय एक देश और एक संविधान से जुड़े हैं। यही अनेकता में एकता भारत को सुंदर और महान बनाती है।

3. रेखा खींचकर मिलाओ।

शब्दसंबंधित शब्द
मिट्टीजन्म
सूर्यधूप
पवनझूला
चाँदचाँदनी
गुंजनभ्रमर
उपवनशोभा

✍️ भाषा-अध्ययन

1. पुनरुक्त शब्दों से वाक्य बनाओ।

  • अलग-अलग: बगीचे में अलग-अलग रंगों के फूल हैं।
  • रंग-रंग: मेले में रंग-रंग के खिलौने सजे हैं।
  • क्यारी-क्यारी: माली ने क्यारी-क्यारी में पानी दिया।
  • झूल-झूल: बच्चे झूल-झूल कर गीत गा रहे हैं।

2. शब्दों को शब्द-कोश के क्रम में सजाओ।

उत्तरउपवन, किरण, खिलना, गगन, गुंजन, डर, धरती, धूप, पवन, शोभा, सुमन।

3. दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो।

शब्दपर्यायवाची
धरतीपृथ्वी, भूमि
सूरजसूर्य, रवि
चाँदचंद्रमा, शशि
उपवनउद्यान, बगीचा

4. विलोम शब्द मिलाओ।

धूपछाँव
धरतीआकाश
एकअनेक
जन्ममृत्यु

5. ‘में’ और ‘पर’ लगाकर तीन-तीन वाक्य लिखो।

‘में’ के वाक्य

  1. हाथ में घड़ी है।
  2. बगीचे में फूल खिले हैं।
  3. कक्षा में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

‘पर’ के वाक्य

  1. मेज पर किताब है।
  2. पेड़ पर पक्षी बैठा है।
  3. सूरज निकलने पर सवेरा होता है।

⭐ योग्यता-विस्तार

1. आस-पास के पाँच फूल और उनके रंग बताओ।

गुलाब - लालगेंदा - पीलाचमेली - सफेदअपराजिता - नीलागुड़हल - लाल

2. जन्मदिन पर पौधा लगाने की गतिविधि।

उत्तरजन्मदिन पर स्थानीय फल या फूल का पौधा लगाएँ। उसे नियमित पानी दें, जैविक खाद डालें, पशुओं से बचाएँ और उसकी वृद्धि का मासिक लेखा रखें।

3. “एकता में बल है।” विषय पर चर्चा।

उत्तरजब लोग मिलकर काम करते हैं, तो कठिन कार्य भी सरल हो जाता है। एकता से शक्ति, सुरक्षा और सफलता मिलती है। परिवार, विद्यालय और देश की उन्नति के लिए आपसी सहयोग आवश्यक है।

4. कविता को आगे बढ़ाओ।

सुबह-सवेरे आती तितली,
फूल-फूल पर जाती तितली।
रंग-बिरंगे पंख सजाकर,
सबके मन को भाती तितली।
फूलों का संदेश सुनाती,
मिल-जुल रहने की बात बताती।
प्रकृति सदा सुंदर रखो तुम,
यह कहकर वह उड़ती जाती।

📚 शब्दार्थ

सुमन - फूलचाँदनी - चाँद का प्रकाश
उपवन - बाग या बगीचानहलाना - स्नान कराना
धूप - सूर्य का प्रकाश या आतपशोभा - सुंदरता
पवन - हवा या वायुगगन - आकाश
कली - अविकसित फूलगुंजन - कोमल मधुर ध्वनि
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