पाठ 3 - एक तेजस्वी और दयावान बालक | सरल प्रश्न-उत्तर
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पाठ-3 : एक तेजस्वी और दयावान बालक

सरल एवं सम्पूर्ण प्रश्न-उत्तर

पाठ का सार

यह पाठ स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक जीवन का परिचय देता है। बचपन में उनका नाम नरेंद्रनाथ था और घर में उन्हें ‘बिले’ कहा जाता था। वे साहसी, बुद्धिमान, दयालु और जरूरतमंदों की सहायता करने वाले बालक थे। रामकृष्ण परमहंस से आध्यात्मिक ज्ञान पाकर वे स्वामी विवेकानंद बने। उन्होंने 1893 ई. के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में भारत का गौरव बढ़ाया, रामकृष्ण मिशन की स्थापना की और युवाओं को शक्ति, आत्मविश्वास, सेवा तथा कर्म का संदेश दिया।

🌸 पाठ से

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो

(क) वीरेश्वर ने साहस का परिचय कैसे दिया?

उत्तरतेजी से आती घोड़ागाड़ी के सामने एक बालक आ गया था। वीरेश्वर ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे खींचकर बचा लिया। इस प्रकार उसने साहस का परिचय दिया।

(ख) नरेंद्रनाथ के गुरु कौन थे? गुरु से वह कैसे मिला?

उत्तरनरेंद्रनाथ के गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस थे। अपने परिचित सुरेंद्रनाथ मित्र के घर आयोजित एक कार्यक्रम में वे पहली बार रामकृष्ण परमहंस से मिले। बाद में वे दक्षिणेश्वर जाकर उनके संपर्क में आए।

(ग) नरेंद्रनाथ ने संन्यास लेने के बाद क्या किया?

उत्तरसंन्यास लेने के बाद नरेंद्रनाथ ने ‘विवेकानंद’ नाम धारण किया। उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण किया, लोगों की दशा को समझा और मानव-सेवा तथा धर्म-प्रचार में लग गए।

(घ) विश्व धर्म सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हुआ था?

उत्तरविश्व धर्म सम्मेलन सन् 1893 ई. में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित हुआ था।

(ङ) ‘रामकृष्ण मिशन’ नामक संस्था का प्रधान उद्देश्य क्या है?

उत्तररामकृष्ण मिशन का प्रधान उद्देश्य मानव-कल्याण, शिक्षा, चिकित्सा, आपदा-सहायता तथा गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।

(च) स्वामीजी ने युवा शक्ति का आह्वान किसलिए किया था?

उत्तरस्वामीजी ने देश के उत्थान, समाज-सेवा और भारत को शक्तिशाली व आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं का आह्वान किया था।

2. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो

(क) वीरेश्वर रास्ते से गुजरते हुए भिखारियों को बुलाकर क्या करता था?

उत्तरवीरेश्वर भिखारियों को घर बुलाकर उन्हें खाने-पीने की चीजें और घर का सामान दे देता था।

(ख) स्कूल में वीरेश्वर का नाम क्या रखा गया था?

उत्तरस्कूल में वीरेश्वर का नाम नरेंद्रनाथ दत्त रखा गया था।

(ग) संन्यास लेने के बाद नरेंद्रनाथ किस नाम से लोकप्रिय हुए?

उत्तरसंन्यास लेने के बाद नरेंद्रनाथ ‘स्वामी विवेकानंद’ के नाम से लोकप्रिय हुए।

(घ) अमेरिकी मीडिया ने स्वामीजी को किस नाम से नवाजा था?

उत्तरअमेरिकी मीडिया ने स्वामीजी को “Cyclonic Hindu” अर्थात् “तूफानी हिंदू” नाम से नवाजा था।

🤝 पाठ के आस-पास

1. बेसहारा और लाचार लोगों को सहायता पहुँचाने वाली संस्थाओं के नाम बताओ।

उत्तररामकृष्ण मिशन, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी, हेल्पएज इंडिया और स्थानीय अनाथालय जैसी संस्थाएँ बेसहारा लोगों की सहायता करती हैं।

2. क्या तुमने कभी गरीब और बेसहारा लोगों की सहायता की है? बताओ।

नमूना उत्तरहाँ, मैंने जरूरतमंद बच्चों को पुराने लेकिन अच्छे कपड़े, किताबें और भोजन दिया है। मैंने उनसे सम्मानपूर्वक बात की और अपनी क्षमता के अनुसार सहायता की।

3. सफल व्यक्ति के आधार पर आदर्श विद्यार्थी की दिनचर्या पर लेख लिखो।

उत्तरआदर्श विद्यार्थी समय पर उठता है, व्यायाम करता है और नियमित रूप से विद्यालय जाता है। वह कक्षा में ध्यान देता, गृहकार्य समय पर पूरा करता और प्रतिदिन पुनरावृत्ति करता है। वह माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करता, जरूरतमंदों की सहायता करता और खेल-कूद के लिए भी समय निकालता है। अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास उसे सफल बनाते हैं।

4. विवेकानंद जी की कौन-सी बातें महापुरुष शंकरदेव से मिलती हैं?

उत्तरदोनों महान व्यक्तियों ने मानवता, समानता, आध्यात्मिकता और समाज-सुधार पर बल दिया। दोनों ने भेदभाव का विरोध किया, लोगों को एकता का संदेश दिया और अपने विचारों से समाज को सही मार्ग दिखाया।

✍️ भाषा-अध्ययन

1. संधि-विच्छेद करो।

हिमालय = हिम + आलयमेघालय = मेघ + आलय
विद्यार्थी = विद्या + अर्थीमहोत्सव = महा + उत्सव
सूर्योदय = सूर्य + उदयविद्यालय = विद्या + आलय
पूर्वोत्तर = पूर्व + उत्तर

2. रेखांकित उपसर्ग का प्रयोग करके अन्य दो शब्द बनाओ।

उपसर्गउदाहरण
विविज्ञान, विकास
उपउपदेश, उपवन
सुसुविचार, सुगंध
प्रप्रयास, प्रचार
अभिअभिनय, अभिवादन

3. ‘ईय’ एवं ‘इत’ प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाओ।

‘ईय’ प्रत्यय‘इत’ प्रत्यय
भारत + ईय = भारतीयप्रभाव + इत = प्रभावित
राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीयआनंद + इत = आनंदित
प्रदेश + ईय = प्रादेशीयहर्ष + इत = हर्षित

प्रत्यय जोड़कर शब्द बनाओ

स्वाधीन + ता = स्वाधीनता
दूध + वाला = दूधवाला
पत्र + कार = पत्रकार

4. वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखो।

(क) मेरा नाम दीपिका है।

(ख) हमारे पिताजी आ रहे हैं।

(ग) तुम्हारा दोस्त बाजार जा रहा है।

(घ) भारत का इतिहास गौरवमय है।

⭐ योग्यता-विस्तार

1. विवेकानंद जी के जीवन की मुख्य घटनाएँ।

जन्म12 जनवरी 1863 ई., कलकत्ता
माता-पिताभुवनेश्वरी देवी और विश्वनाथ दत्त
बचपन का नामनरेंद्रनाथ; घर का नाम वीरेश्वर/बिले
गुरुश्री रामकृष्ण परमहंस
विश्व धर्म सम्मेलन1893 ई., शिकागो
संस्थारामकृष्ण मिशन
निधन4 जुलाई 1902 ई.

2. शब्द-अंत्याक्षरी खेलो।

नमूनाकलम → ममता → तालाब → बादल → लड़का। अंतिम अक्षर से अगला शब्द बनाकर खेल आगे बढ़ाएँ।

3. संख्याओं का ज्ञान।

उत्तर५१–इक्यावन, ६०–साठ, ७०–सत्तर, ८०–अस्सी, ९०–नब्बे और १००–सौ। इनके बीच की संख्याएँ तालिका के क्रम में पढ़ें और लिखने का अभ्यास करें।

📚 शब्दार्थ

तेजस्वीतेज वाला, प्रभावशालीनिधनमृत्यु, देहावसान
तीव्रतेजनाजुककोमल
आदतअभ्यासहौसलासाहस
जरूरतमंदजिसे आवश्यकता होलाचारउपायविहीन
मजबूर होकरविवश होकरओजस्वीओजपूर्ण
दिन व दिनदिन के बाद दिनतमामसारा
यूनानग्रीसनवाजनाअलंकृत/सम्मानित करना
सर्वोपरिसबसे ऊपरआर्थिक संकटपैसों की कठिनाई

पाठ की शिक्षा

हमें साहसी, दयालु, आत्मविश्वासी और परिश्रमी बनना चाहिए। मानव-सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानकर अपने ज्ञान और शक्ति का उपयोग समाज व देश की उन्नति में करना चाहिए।

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